Karan Johar statement on hyper masculinity: बॉलीवुड के निर्देशक और निर्माता करण जौहर ने हाल ही में हाइपर-मेस्कुलिनिटी पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि दाढ़ी बढ़ाने या सिगरेट पीने से कोई सुपरस्टार नहीं बनता, बल्कि असली स्टार बनने के लिए प्रतिभा, कड़ी मेहनत और अच्छे चरित्र की जरूरत होती है।
Karan Johar statement on hyper masculinity: बॉलीवुड के फेमस और बेबाक फिल्ममेकर करण जौहर ने हाल ही में हिंदी सिनेमा में बढ़ते हाइपर-मैस्कुलिनिटी के ट्रेंड पर खुलकर अपनी राय रखी है। बता दें, 'द वीक' को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि आज का मेनस्ट्रीम बॉलीवुड तेजी से एक ऐसे दौर में जा रहा है जहां बिग अल्फा एनर्जी और टेस्टोस्टेरोन से भरपूर कहानियों का बोलबाला है और इस दौड़ में कहानी कहने की बारीकियां कहीं पीछे छूटती जा रही हैं।
करण जौहर ने बेहद मजाकिया लेकिन तीखे अंदाज में बताया कि जैसे ही कोई एक खास तरह की फिल्म हिट होती है, पूरी इंडस्ट्री उसी सांचे में ढलने की कोशिश करती है। उन्होंने कहा कि अगर एक फिल्म किसी जोन में चलती है तो उसके बाद दस और ऐसी ही फिल्में बनती हैं।
उनके मुताबिक अब हाई-ऑक्टेन फिल्मों में हीरो बिना किसी वजह के स्लो मोशन में चल रहे होते हैं, सबकी लंबी दाढ़ी होती है, सभी धुएं के छल्ले उड़ा रहे होते हैं, केवल दाढ़ी और सिगरेट से कोई सुपरस्टार नहीं बनता फिर भी ये मान लिया जाता है कि यही दर्शक देखना चाहते हैं। साथ ही, उन्होंने ये भी कहा कि शायद ये कॉन्सेप्ट पुरुषों की अपनी सोच है कि महिलाएं यही देखना पसंद करती हैं, लेकिन जरूरी नहीं कि ये अच्छी सच हो।
इतना ही नहीं, करण ने अपनी फिल्म 'रॉकी और रानी की प्रेम कहानी' का एक किस्सा शेयर किया, जिसमें एक ऐसा सीन था जिसमें एक मेल एक्टर क्लासिकल डांस करता है। इस सीन को लेकर उन्हें दर्शकों की तरफ से काफी सवाल मिले। लोगों ने पूछा कि एक पुरुष को इस तरह कैसे दिखाया जा सकता है।
ये सुनकर करण को हैरानी हुई और उन्होंने साफ कहा कि वो पैदाइशी नारीवादी हैं और हमेशा ऐसी कहानियां कहते रहेंगे जो रूढ़िवादी सोच को चुनौती दें। उन्होंने कहा आगे कि अगर वो सिर्फ एक खास तरह के दर्शकों को ध्यान में रखकर फिल्म बनाएंगे और खुद को उनकी सोच के सामने झुका देंगे, तो फिर फिल्ममेकर होने का मतलब क्या रह जाता है।
करण ने ये भी माना कि थिएटर रिलीज और OTT दोनों के बीच अब एक बड़ा फर्क आ गया है। थिएटर में अब ज्यादातर मेल-सेंट्रिक और हाई-ऑक्टेन एक्शन फिल्में ही चलती हैं, लेकिन OTT प्लेटफॉर्म पर अभी भी विविधता की जगह है। वहां स्क्रिप्ट ज्यादा लेयर्ड और संवेदनशील होती हैं। उनके मुताबिक 'एनिमल' की जबरदस्त सफलता के बाद यह ट्रेंड और तेज हुआ है। 'मार्को' और 'धुरंधर' जैसी फिल्मों में भी यही एस्थेटिक रफ-टफ लुक, हिंसा और खून-खराबे की ओर झुकाव अपनाया गया।
वर्क फ्रंट पर करण जौहर के पास कई दिलचस्प प्रोजेक्ट्स हैं। उनकी प्रोडक्शन कंपनी धर्मा प्रोडक्शंस की रोमांटिक ड्रामा 'चांद मेरा दिल' 22 मई को रिलीज होने वाली है। विवेक सोनी के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में अनन्या पांडे और लक्ष्य लीड रोल में हैं।
इसके अलावा कार्तिक आर्यन स्टारर 'नागजिला' भी लाइन में है इसकी रिलीज डेट अभी अनाउंस नहीं हुई है। बता दें, करण के फैंस के लिए एक और बड़ी खुशखबरी है। उन्होंने अपने सबसे फेमस टॉक शो 'कॉफी विद करण' के नौवें सीजन की वापसी कन्फर्म की है। ये सीजन इस दिवाली प्रीमियर होने वाला है।