
रिया चक्रवर्ती (फोटो सोर्स: x @SAMTHEBESTST_ अकाउंट के द्वारा)
Rhea Chakraborty bank accounts:सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े ड्रग मामले में एक्ट्रेस रिया चक्रवर्ती और उनके भाई शोविक चक्रवर्ती को शनिवार को एक बड़ी कानूनी राहत मिली। बता दें, स्पेशल NDPS कोर्ट ने दोनों के बैंक अकाउंट्स को डीफ्रीज करने का ऑडर दिया, जिन्हें नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो यानी NCB ने 2020 में जांच के दौरान सीज किया था। कोर्ट ने अपने फैसले में साफ कहा कि एजेंसी जरूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन करने में असफल रही।
अगस्त 2020 में जब सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच चल रही थी, तब NCB ने ड्रग ट्रेल की पड़ताल करते हुए रिया और शोविक को गिरफ्तार किया था। उस दौरान एजेंसी ने दोनों के बैंक अकाउंट्स भी सीज कर दिए थे। उस समय ये मामला देशभर में सुर्खियों में था और सोशल मीडिया पर भी जमकर बहस हुई थी, लेकिन अब पांच साल बाद, कोर्ट ने इस पूरे मामले में एक अहम फैसला सुनाया है जो रिया और शोविक के पक्ष में गया है।
रिया और शोविक के वकीलों अयाज खान और जेहरा चरनिया ने स्पेशल कोर्ट में अर्जी दायर करते हुए दलील दी कि NCB ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट 1985 के सेक्शन 68F का उल्लंघन किया है। ये सेक्शन गैरकानूनी तरीके से अर्जित संपत्ति को सीज या फ्रीज करने की प्रक्रिया से जुड़ा है। वकीलों ने कोर्ट को बताया कि इस कानून के तहत किसी भी संपत्ति को फ्रीज करने के 30 दिनों के भीतर एक सक्षम अधिकारी से औपचारिक आदेश लेना जरूरी होता है, लेकिन इस मामले में ऐसा कोई आदेश नहीं लिया गया, जिससे ये कार्रवाई कानूनी रूप से अवैध हो गई।
सरकारी पक्ष ने इस अर्जी का कड़ा विरोध किया। उन्होंने रिया के उस बयान का हवाला दिया जिसमें उन्होंने कथित तौर पर खुद को एक ड्रग सिंडिकेट की सक्रिय सदस्य बताया था और पेडलर्स के संपर्क में रहने की बात भी कही थी, जिसमें प्रॉसिक्यूशन का तर्क था कि ऐसे मामले में अकाउंट्स फ्रीज करना पूरी तरह उचित था और अधिकारी ने सही कदम उठाया था।
लेकिन कोर्ट ने प्रॉसिक्यूशन की दलीलों को नकार दिया। अपने आदेश में कोर्ट ने NDPS एक्ट के सेक्शन 68F के सब-सेक्शन (2) का हवाला देते हुए साफ किया कि किसी भी प्रॉपर्टी को फ्रीज या सीज करने के आदेश का तब तक कोई कानूनी असर नहीं होता जब तक कि उसे 30 दिनों के भीतर सक्षम अधिकारी द्वारा कन्फर्म न किया जाए। इस मामले में ऐसा कोई आदेश पास नहीं किया गया था, इसलिए बैंक अकाउंट्स को डीफ्रीज करने का आदेश दिया गया।
बता दें, ये फैसला रिया चक्रवर्ती के लिए एक बड़ी कानूनी जीत है। 2020 से लेकर अब तक वह इस मामले में कई मुश्किलों का सामना कर चुकी हैं। गिरफ्तारी, मीडिया ट्रायल और सोशल मीडिया पर निशाना बनाए जाने के बाद ये अदालती राहत उनके लिए एक सकारात्मक कदम है। ये मामला एक बार फिर ये याद दिलाता है कि कानून की प्रक्रिया का सही तरीके से पालन करना कितना जरूरी है और अगर एजेंसियां तय नियमों का उल्लंघन करती हैं तो कोर्ट उन्हें जरूर रोकता है।
Updated on:
26 Apr 2026 09:10 am
Published on:
26 Apr 2026 09:10 am
