
राघव चड्ढा ने जॉइन की बीजेपी
Raghav Chadha Quit AAP Join BJP: इस समय भारत की राजनीति में हंगामा मचा हुआ है। अचानक खबर आई कि आम आदमी पार्टी (AAP) के 'पोस्टर बॉय' कहे जाने वाले राघव चड्ढा ने बीजेपी जॉइन कर ली है। कुछ समय से पार्टी में उथल-पुथल मची हुई थी। राघव को राज्यसभा के डिप्टी लीडर के पद से भी हटा दिया गया था, उस समय पूरा देश और उनके दोस्त हर कोई राघव के साथ आ खड़ा हुआ था, लेकिन कभी-कभी कहा जाता है कि हर चीज की कीमत उम्मीद से ज्यादा चुकानी पड़ती है राघव चड्ढा के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ है। उन्होंने जैसे ही अरविंद केजरीवाल को झटका दिया, तो उन्हें भी सोशल मीडिया पर एक ऐसा झटका लगा है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी। चर्चा इतनी तेज हुई की हर कोई चौंक गया।
राघव चड्ढा को जब आप ने उपनेता के पद से हटाया था तो लोगों ने उन्हें अपनी पार्टी बनाने का सुझाव दिया था, लेकिन उन्होंने ऐसा न करते हुए बीजेपी का दामन थामने का फैसला किया। अब उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ा। आंकड़ों की मानें तो राघव चड्ढा ने महज 36 घंटों के अंदर इंस्टाग्राम पर अपने 18 लाख (1.8 मिलियन) फॉलोअर्स खो दिए हैं। उनसे लोग इतने नाराज हुए कि राघव को अनफॉलो कर दिया।
शुक्रवार तक राघव चड्ढा के इंस्टाग्राम पर करीब 14.6 मिलियन फॉलोअर्स थे। जैसे ही उनके बीजेपी में शामिल होने की खबर पक्की हुई, उन्हें अनफॉलो करने वालों की बाढ़ आ गई। शनिवार दोपहर तक उनके 1.1 फॉलोअर्स घट गए थे, वही आंकड़ा रविवार सुबह गिरकर 1.8 मिलियन तक पहुंच गया। यानी अब उनके फॉलोअर्स महज 12.8 मिलियन के आसपास रह गए हैं। डेटा के मुताबिक, घोषणा के बाद हर घंटे हजारों की संख्या में लोग उनका साथ छोड़ते दिखे।
राघव चड्ढा की छवि अब तक एक 'यूथ आइकॉन' की थी। वह संसद में पैटरनिटी लीव (पिता के लिए छुट्टी), गिग वर्कर्स की समस्याएं और टेलीकॉम डेटा जैसे उन मुद्दों पर बात करते थे, जिन्हें अक्सर बड़े नेता नजरअंदाज कर देते हैं। एक बार तो उन्होंने 'आम आदमी' की छवि को मजबूत करने के लिए खुद डिलीवरी बॉय बनकर काम भी किया था। युवाओं को लगता था कि राघव उनकी आवाज हैं, लेकिन अचानक बीजेपी में जाने के फैसले ने उनके प्रशंसकों, खासकर 'Gen Z' (आज की युवा पीढ़ी) को गहरा धक्का पहुंचाया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह गिरावट कोई इत्तेफाक नहीं है। शरद पवार की एनसीपी के प्रवक्ता अनीश गावंडे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जानकारी दी कि युवाओं के बीच एक बड़ा 'Unfollow Campaign' वायरल हो गया है। उन्होंने लिखा कि इंटरनेट जिसे रातों-रात हीरो बनाता है, वही इंटरनेट उसे पल भर में नीचे भी गिरा सकता है। राघव के साथ हुआ यह डिजिटल विरोध यह संदेश देता है कि आज का वोटर न केवल बटन दबाकर, बल्कि सोशल मीडिया पर भी अपना विरोध दर्ज कराना जानता है।
राघव चड्ढा के साथ-साथ आम आदमी पार्टी के 6 अन्य सांसद भी बीजेपी में शामिल हुए हैं, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा राघव की ही हो रही है। इसकी वजह उनकी बॉलीवुड अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा से शादी और युवाओं के बीच उनकी तगड़ी पकड़ थी। अब सवाल यह है कि क्या राघव चड्ढा अपनी नई पार्टी में रहकर इस खोई हुई लोकप्रियता को वापस पा सकेंगे या फिर उनके 'ब्रांड' को लगा यह नुकसान लंबे समय तक बना रहेगा? फिलहाल, यह घटना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है।
Updated on:
26 Apr 2026 09:34 am
Published on:
26 Apr 2026 09:31 am
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