Laalo Krishna Sada Sahaayate: भारतीय सिनेमा की एक ऐसी फिल्म जो सिर्फ 50 लाख में बनी थी लेकिन जब रिलीज हुई तो फिल्म ने 100 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है। क्या है पूरा मामला, चलिए जानते हैं।
Laalo Krishna Sada Sahaayate: भारतीय सिनेमा में अक्सर बड़े बजट और स्टारकास्ट वाली फिल्मों के बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड चर्चा में रहते हैं, लेकिन कभी-कभी छोटी फिल्में भी ऐसा कमाल कर जाती हैं कि पूरी इंडस्ट्री हैरान रह जाती है। गुजराती फिल्म ‘लालो- कृष्णा सदा सहायते’ ने भी कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। महज 50 लाख रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर इतिहास रच दिया। खास बात ये है कि रिलीज के 8 हफ्ते बाद भी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर मजबूती से टिकी रही और लगातार कमाई करती रही।
फिल्म 10 अक्टूबर 2025 को गुजरात में रिलीज हुई थी। शुरुआत बेहद धीमी रही और पहले दिन फिल्म ने केवल 5 लाख रुपये का कलेक्शन किया। शुरुआती 3 हफ्तों तक इसकी कमाई बेहद सीमित रही।
पहले हफ्ते में फिल्म ने 40 लाख रुपये, दूसरे हफ्ते में 30 लाख रुपये और तीसरे हफ्ते में 80 लाख रुपये का कलेक्शन किया। इन आंकड़ों को देखकर ट्रेड एक्सपर्ट्स ने उम्मीद छोड़ दी थी कि फिल्म आगे बड़ी सफलता हासिल करेगी। लेकिन इसके बाद दर्शकों की पॉजिटिव प्रतिक्रिया यानी वर्ड ऑफ माउथ ने फिल्म की किस्मत पूरी तरह बदल दी।
धीरे-धीरे फिल्म की लोकप्रियता बढ़ती गई और पांचवें हफ्ते में फिल्म ने 32.50 करोड़ रुपये की शानदार कमाई कर सबको चौंका दिया। इसके बाद छठे हफ्ते में फिल्म ने 28.25 करोड़ रुपये और सातवें हफ्ते में 17.75 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया।
इन आंकड़ों ने साबित कर दिया कि फिल्म अब सिर्फ सफल नहीं बल्कि गुजराती सिनेमा की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर बन चुकी है। यह 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करने वाली पहली गुजराती फिल्म बन गई।
सैकनिल्क के मुताबिक फिल्म ने रिलीज के 52 दिनों में दुनियाभर में कुल 101.50 करोड़ रुपये का शानदार कलेक्शन कर लिया। दिलचस्प बात यह है कि 53वें दिन भी फिल्म की कमाई में गिरावट नहीं आई।
इस दिन फिल्म 981 शो में चली और 16.2% ऑक्यूपेंसी के साथ 88 लाख रुपये ग्रॉस और 76 लाख रुपये नेट का कलेक्शन किया। आम तौर पर इतने लंबे समय बाद फिल्मों की कमाई लगभग रुक जाती है, लेकिन ‘लालो’ ने यहां भी नया रिकॉर्ड बना दिया।
भगवान कृष्ण की भक्ति से जुड़ी कहानी होने के कारण फिल्म ने परिवार और धार्मिक दर्शकों के बीच खास लोकप्रियता हासिल की। यही वजह रही कि शुरुआत धीमी होने के बावजूद फिल्म धीरे-धीरे सिनेमाघरों में मजबूत पकड़ बनाती चली गई।