Monalisa And Farman Khan: प्रयागराज महाकुंभ से चर्चा में आई वायरल गर्ल मोनालिसा भोसले ने फरमान खान संग शादी के लगभग 3 महीने बाद एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने अपनी उम्र को लेकर याचिका दायिर की है। जानिए क्या है केरल में हुई इस शादी का पूरा सच…
Monalisa Bhosale viral girl Mahakumbh: प्रयागराज महाकुंभ में चर्चा में आई मोनालिसा भोसले और उनके पति फरमान खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। शादी के करीब 3 महीने बाद भी यह जोड़ा कानूनी और सामाजिक लड़ाई लड़ रहा है। अब दोनों ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच में याचिका दायर की है। आरोप है कि मोनालिसा के जन्म प्रमाण पत्र में जानबूझकर हेराफेरी की गई ताकि उनकी शादी को गैरकानूनी साबित किया जा सके।
याचिका में मोनालिसा और फरमान का कहना है कि वह पूरी तरह से बालिग हैं। सरकारी रिकॉर्ड में उनकी जन्मतिथि 1 जनवरी 2008 दर्ज है। लेकिन जैसे ही उन्होंने मुस्लिम युवक फरमान खान से शादी की, विवाद शुरू हो गया। कपल का आरोप है कि मोनालिसा के परिवार ने नगर पंचायत महेश्वर द्वारा जारी उनका असली जन्म प्रमाण पत्र अवैध रूप से रद्द करवा दिया और उसकी जगह झूठे दस्तावेज तैयार करवाए। इसका मकसद ये था कि मोनालिसा को नाबालिग साबित करना और फरमान को कानूनी शिकंजे में फंसाना। याचिका में असली दस्तावेज बहाल करने और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की गई है।
दोनों की प्रेम कहानी की शुरुआत केरल में एक फिल्म की शूटिंग के दौरान हुई थी, जहां दोनों की मुलाकात हुई और वह एक-दूसरे के करीब आ गए। इस साल मार्च में मोनालिसा अपने रिश्तेदारों के साथ दोबारा केरल गईं। वहां जब उनके परिवार ने शादी के प्रस्ताव को ठुकरा दिया, तो मोनालिसा ने तिरुवनंतपुरम के थंपानूर पुलिस स्टेशन में अपने पिता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
याचिका के अनुसार, केरल पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया अपनाते हुए मोनालिसा के सरकारी पहचान पत्रों को आधिकारिक पोर्टल से वेरिफाई किया, जिसमें वह बालिग पाई गईं। इसके बाद, दोनों ने 11 मार्च, 2026 को पूवार के अरुमानूर नायरन देवा मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से शादी कर ली, जिसका बकायदा 'केरल विवाह पंजीकरण नियम, 2008' के तहत रजिस्ट्रेशन भी कराया गया।
याचिका में मोनालिसा ने बताया कि शादी के बाद से उनकी जिंदगी बेहद मुश्किल हो गई है। सोशल मीडिया और कुछ टीवी चैनलों पर फरमान को 'आतंकवादी' कहा गया और उनकी शादी को 'लव जिहाद' बताकर नफरत फैलाई गई। धमकियों और जान के खतरे के कारण दोनों को केरल में बार-बार अपनी जगह बदलनी पड़ी।
इससे पहले केरल हाई कोर्ट ने 23 मार्च 2026 को इस जोड़े को राहत देते हुए गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाई थी। अब सबकी नजरें मध्य प्रदेश हाई कोर्ट पर हैं जहां जल्द सुनवाई होने की उम्मीद है।