Shiv Sena On Monalisa Bhosle Marriage Controversy: वायरल गर्ल मोनालिसा की शादी के बाद अब विवाद गहराता जा रहा है। अब शिवसेना के उद्धव गुट की ओर से सामना में लव जिहाद को लेकर तंज कसा गया है। क्या है पूरा मामला, चलिए जानते हैं।
Shiv Sena On Monalisa Bhosle Marriage Controversy: हाल ही में महाकुंभ में रुद्राक्ष की माला बेचते हुए वायरल हुई युवती मोनालिसा भोसले एक बार फिर सुर्खियों में आ गई हैं। इस बार वजह उनका निजी जीवन है। दरअसल मोनालिसा ने फरमान खान नाम के युवक से केरल में शादी कर ली है। इस इंटररिलिजियन शादी के सामने आते ही सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई।
कुछ संगठनों ने इस रिश्ते को ‘लव जिहाद’ से जोड़कर विवाद खड़ा कर दिया है, जबकि दूसरी ओर कई लोग इसे दो वयस्कों का निजी फैसला बता रहे हैं। मामले ने तब और राजनीतिक रंग ले लिया जब शिवसेना (उद्धव गुट) के मुखपत्र सामना में प्रकाशित संपादकीय ने इस पूरे विवाद पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी की।
संपादकीय में कहा गया कि कुछ स्वयंभू नव-हिंदुत्ववादी इस विवाह को देश का बड़ा संकट बताने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि असल सामाजिक समस्याओं पर उतना ध्यान नहीं दिया जाता।
मोनालिसा भोसले उस समय चर्चा में आई थीं जब महाकुंभ मेला के दौरान प्रयागराज में रुद्राक्ष की माला बेचते हुए उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। उनकी मुस्कान, बोलने का अंदाज और आंखों का रंग लोगों को काफी आकर्षित कर गया। देखते ही देखते वो इंटरनेट सेंसेशन बन गईं।
लेकिन अचानक उनकी शादी की खबर सामने आने के बाद एक नई बहस शुरू हो गई। बताया गया कि मोनालिसा ने फरमान खान से मंदिर में विवाह किया और बाद में दोनों केरल चले गए। इसी घटना ने कई राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाओं को जन्म दिया।
सामना में प्रकाशित संपादकीय में इस विवाद को लेकर तीखा व्यंग्य किया गया। लेख में लिखा गया कि जिस तरह से कुछ लोग इस विवाह को लेकर शोर मचा रहे हैं, उससे ऐसा लग रहा है जैसे देश की सारी समस्याओं की जड़ यही शादी हो।
संपादकीय में कटाक्ष करते हुए लिखा गया कि मानो खाड़ी देशों में युद्ध के कारण भारत में एलपीजी सिलेंडरों की जो कमी और लंबी कतारें देखने को मिलीं, उसके पीछे भी मोनालिसा की शादी ही जिम्मेदार हो। लेख के अनुसार यदि यह विवाह नहीं हुआ होता तो शायद देश की सभी समस्याएं तुरंत खत्म हो जातीं।
संपादकीय में यह भी याद दिलाया गया कि भारत का संविधान हर वयस्क नागरिक को अपनी पसंद से विवाह करने की स्वतंत्रता देता है। स्पेशल मेरिज एक्ट के तहत अलग धर्म या जाति के लोगों के बीच विवाह पूरी तरह वैध है। ऐसे में किसी के निजी जीवन में हस्तक्षेप करना उचित नहीं माना जा सकता।
लेख में ये भी कहा गया कि समाज में कई अन्य गंभीर समस्याएं मौजूद हैं, लेकिन अक्सर उनका उतना विरोध नहीं होता जितना ऐसे मामलों में दिखाई देता है।
मोनालिसा ने दावा किया है कि शादी के बाद उन्हें और उनके पति को जान का खतरा महसूस हो रहा है। उन्होंने कहा कि दोनों एक-दूसरे से प्यार करते हैं और यह विवाह उनकी सहमति से हुआ है। उनके मुताबिक परिवार की ओर से उन पर बिरादरी में शादी करने का दबाव बनाया जा रहा था, जिसे उन्होंने स्वीकार नहीं किया।
संपादकीय में यह भी कहा गया कि समाज में दहेज प्रथा, तलाक और महिलाओं पर होने वाले अत्याचार जैसे कई गंभीर मुद्दे हैं। धूमधाम से शादी के बाद दहेज के लिए बहुओं को प्रताड़ित करने की घटनाएं भी सामने आती हैं, लेकिन इन मामलों में उतनी कड़ी प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिलती।
लेख के अंत में कहा गया कि भावनाएं और सामाजिक परिस्थितियां अक्सर लोगों के फैसलों को प्रभावित करती हैं। ऐसे में समाज को किसी के निजी जीवन पर फैसला सुनाने से पहले अपने भीतर की समस्याओं को भी समझना चाहिए।