
Indore Jail Script For Munawar Faruqui Biggest Show: स्टैंड-अप कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी ने अपने नए यूट्यूब स्पेशल 'धंधो' (Dhandho) में जिंदगी के उस दौर को शेयर किया है, जिसने उन्हें निजी तौर पर पूरी तरह बदल दिया। 11 जुलाई को रिलीज हुए इस शो में उन्होंने इंदौर सेंट्रल जेल में बिताए 37 दिनों, आर्थिक नुकसान, मानसिक दबाव और उसके बाद हुए अपने करियर के सबसे बड़े कमबैक की कहानी सुनाई है। रिलीज के कुछ ही दिनों में इस स्पेशल को लाखों बार देखा जा चुका है।
मुनव्वर फारूकी ने बताया कि कोविड-19 महामारी के बाद उनका करियर धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहा था। लंबे समय तक आर्थिक तंगी और कैंसिल हुए शो के बाद उन्हें देशभर में लगातार लाइव परफॉर्मेंस मिलने लगी थीं। इसी दौरान उन्हें एक ओटीटी प्रोजेक्ट का बड़ा ऑफर भी मिला और उन्होंने अपने उस सपने का जिक्र किया, जिसमें वो अपने पिता का वो पारिवारिक रेस्टोरेंट दोबारा खरीदना चाहते थे, जिसे कभी आर्थिक मजबूरी में बेचना पड़ा था।
इतना ही नहीं, कॉमेडियन ने याद किया कि 1 जनवरी 2021 को वो इंदौर में नए साल का शो करने पहुंचे थे, लेकिन कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। उन्होंने बताया कि शुरुआती रात बेहद तनाव भरी रही और एक समय उन्हें ये डर भी लगा कि कहीं उन्हें किसी और वजह से बाहर तो नहीं ले जाया जा रहा। हालांकि, बाद में अधिकारियों ने साफ किया कि उन्हें कोविड-19 जांच के लिए ले जाया गया था।
मुनव्वर फारूकी के अनुसार, जेल का अनुभव मेंटली टॉर्चर वाला था। उन्होंने भीड़भाड़ वाली बैरक, खराब सुविधाओं और लगातार बने तनाव का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने बताया कि इस दौरान उन्होंने कई ऐसी परिस्थितियों का सामना किया, जिन्होंने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया।
शो में मुनव्वर ने अपने करियर से जुड़ा एक मजेदार खुलासा भी किया। उन्होंने बताया कि जेल से बाहर आने के बाद एक ओटीटी प्लेटफॉर्म के साथ हुई बातचीत में उन्होंने अपनी फीस को इस तरह तय किया कि उसमें जेल के दौरान हुए आर्थिक नुकसान का भी प्रतीकात्मक हिसाब शामिल हो। उनका कहना था कि ये फैसला किसी से बदला लेने के लिए नहीं, बल्कि अपने संघर्ष को सफलता में बदलने का प्रतीक था। अपने शो के लास्ट में मुनव्वर ने कहा कि जिन 37 दिनों को उनकी आवाज दबाने के लिए याद किया जाता है, तो वही आज उनके सबसे सफल शो की सबसे मजबूत कहानी बन गए हैं।