
Ramayana criticism: रणबीर कपूर, साई पल्लवी और यश स्टारर 'रामायण' रिलीज से पहले ही सुर्खियों में है। नितेश तिवारी की इस बड़े बजट की फिल्म के ट्रेलर को जहां सोशल मीडिया पर काफी पसंद किया गया, तो वहीं इसके VFX को लेकर कुछ लोगों ने सवाल भी उठाए। अब रणबीर कपूर ने फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स का बचाव करते हुए कहा है कि ऑनलाइन बहुत से लोग बिना ये जाने कि CG कैसे तैयार होता है, उसके काम को जज करने लगते हैं। इसी बीच 'महाभारत' में युधिष्ठिर का किरदार निभा चुके गजेंद्र चौहान ने फिल्म के ट्रेलर पर अपनी राय देकर बहस को और बढ़ा दिया है।
गजेंद्र चौहान ने कहा है कि वो 'रामायण' का ट्रेलर देखकर प्रभावित नहीं हुए। हालांकि, उन्होंने भगवान राम के किरदार में रणबीर कपूर के लुक और उनके गेटअप की तारीफ की है। वहीं रणबीर ने बताया कि फिल्म के VFX पर टीम ने सालों तक काम किया है और इसे बड़े पर्दे के अनुभव को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
हिंदी रश के साथ बातचीत में गजेंद्र चौहान ने नितेश तिवारी की 'रामायण' पर खुलकर बात की। उन्होंने साफ कहा कि व्यक्तिगत तौर पर वो ट्रेलर से प्रभावित नहीं हुए। खास तौर पर उन्होंने कैकेयी के किरदार और राम के वनवास वाले सीन को लेकर अपनी आपत्ति जाहिर की।
गजेंद्र चौहान के मुताबिक, लारा दत्ता का कैकेयी के रूप में लुक उन्हें ज्यादा आधुनिक लगा। उन्होंने कहा कि कैकेयी की ड्रेसिंग और साड़ी का अंदाज उस किरदार के हिसाब से उन्हें प्रभावित नहीं कर पाया। उन्होंने अपने 2002 में आई रवि चोपड़ा की 'रामायण' में दशरथ का किरदार निभाने के अनुभव का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, कैकेयी और दशरथ का सीन कहानी के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें मंथरा के प्रभाव के बाद परिवार के भीतर पैदा हुआ भावनात्मक तनाव दिखाई देता है।
गजेंद्र चौहान ने फिल्म के ट्रेलर और कुछ हिस्सों की आलोचना की, लेकिन भगवान राम के किरदार में रणबीर कपूर को लेकर उनकी राय सकारात्मक रही। उन्होंने कहा कि रणबीर एक बड़े स्टार हैं और उनकी अपनी मजबूत स्क्रीन इमेज है। इसके बावजूद राम के गेटअप में वो अच्छे लग रहे हैं। चौहान ने रणबीर के लुक की तारीफ करते हुए कहा कि वो किरदार के गेटअप में काफी अच्छे दिखाई दे रहे हैं।
बता दें, गजेंद्र चौहान का मानना है कि पौराणिक किरदारों के लिए बड़े सितारों को कास्ट करना कभी-कभी चुनौतीपूर्ण हो सकता है, क्योंकि दर्शकों के दिमाग में उस स्टार की पहले से बनी हुई छवि होती है। उन्होंने अपने 'महाभारत' के अनुभव को याद करते हुए बताया कि युधिष्ठिर का किरदार मिलने से पहले उनकी कोई बहुत मजबूत सार्वजनिक छवि नहीं थी और इसी वजह से दर्शक उन्हें उस किरदार के साथ जोड़ पाए।
दूसरी तरफ, रणबीर कपूर ने 'रामायण' के VFX को लेकर हो रही आलोचना पर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों में ऑनलाइन ऐसे कई लोग सामने आए हैं जो CG और VFX को लेकर तुरंत राय देने लगते हैं। साथ ही, रणबीर ने कहा कि कई बार लोग ये नहीं जानते कि CG तैयार करने की प्रक्रिया क्या होती है और इसमें कितने घंटे की मेहनत लगती है। उन्होंने बताया कि ‘रामायण’ के VFX पर स्टार और टीम ने लंबे समय तक काम किया है।
रणबीर के मुताबिक, AI के आने के बाद दर्शकों की दिलचस्पी इस बात में और बढ़ गई है कि किसी फिल्म का CG कितना वास्तविक दिखता है, लेकिन उनका मानना है कि जो लोग VFX बनाने की प्रक्रिया से परिचित नहीं हैं, उनके लिए उसके पीछे लगी मेहनत को समझना मुश्किल हो सकता है।
डायरेक्टर नितेश तिवारी ने भी फिल्म के VFX पर काम के बड़े लेवल के बारे में बात की है। उन्होंने बताया कि टीम अभी फिल्म को अंतिम रूप देने में जुटी है और कुछ VFX सीक्वेंस को पूरा करने में करीब तीन साल तक का समय लगा है।
प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ने भी फिल्म के VFX को फोन या खराब इंटरनेट कनेक्शन पर जज करने से बचने की बात कही। उन्होंने बताया कि जब फिल्म के कुछ विजुअल्स को बड़ी IMAX स्क्रीन पर 3D में दिखाया गया, तो उन्हें देखने वाले लोगों की प्रतिक्रिया काफी बदल गई। इसके साथ ही, नमित ने कहा कि टीम ने फिल्म के विजुअल्स को खास तौर पर बड़े पर्दे के अनुभव के लिए तैयार किया है और इस पर सालों और लाखों डॉलर खर्च किए गए हैं। उनका कहना है कि फिल्म को उसी फॉर्मेट में देखने के बाद ही उसके VFX को लेकर फैसला करना ज्यादा उचित होगा।
नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही 'रामायण' में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी माता सीता और यश रावण की भूमिका में नजर आएंगे। फिल्म का पहला पार्ट दिवाली 2026 पर सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है, जबकि दूसरा पार्ट दिवाली 2027 में रिलीज होगा।
फिल्म के बड़े स्केल और VFX को लेकर पहले से ही काफी चर्चा है। अब रणबीर कपूर का VFX के बचाव में सामने आना और गजेंद्र चौहान का ट्रेलर पर असहमति जताना 'रामायण' को लेकर चल रही बहस को और दिलचस्प बना रहा है।