
Ravi Kishan Statement: अभिनेता और सांसद रवि किशन ने अपने लंबे फिल्मी सफर और संघर्ष को याद करते हुए कहा कि अगर उन्हें हॉलीवुड जैसी इंडस्ट्री में काम करने का मौका मिलता तो फिल्मों से मिलने वाली रॉयल्टी के जरिए वो आज अपना एक आइलैंड खरीद चुके होते। उन्होंने बताया कि हिंदी सिनेमा में शुरुआती दौर में उन्हें काम और पैसे में से किसी एक को चुनने जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। हालांकि, अभिनेता ने इन मुश्किलों को अपनी मंजिल के रास्ते की बाधा नहीं बनने दिया।
रवि किशन ने न्यूज 18 के प्रोग्राम में बातचीत के दौरान अपने शुरुआती दिनों को याद किया। उन्होंने बताया कि उनका संबंध बेहद साधारण परिवार से रहा है। उत्तर प्रदेश से निकलकर मुंबई पहुंचना और वहां अपने लिए जगह बनाना उनके लिए आसान नहीं था। उस दौर में उनके पास न तो ज्यादा पैसे थे और न ही अंग्रेजी भाषा पर पकड़। यहां तक कि अच्छे कपड़े और आत्मविश्वास की कमी भी उन्हें महसूस होती थी।
मुंबई में संघर्ष के दिनों को याद करते हुए रवि किशन ने कहा कि उन्होंने शहर को बेहद करीब से जाना है। उनके मुताबिक, आज जिस मुकाम पर वह खड़े हैं, वहां पहुंचने के लिए उन्होंने बेहद कठिन रास्ता तय किया। उन्होंने अपने सफर को इस तरह बताया कि वह सफलता की ओर धीरे-धीरे नहीं, बल्कि बेहद मुश्किल परिस्थितियों के बीच आगे बढ़े।
अभिनेता ने ये भी दावा किया कि करियर के शुरुआती करीब 15 वर्षों तक उन्हें कई बार अपने काम का पैसा नहीं मिला। उस समय उनके लिए पैसे से ज्यादा जरूरी फिल्मों में काम हासिल करना था, क्योंकि वह अभिनय के जरिए अपनी पहचान बनाना चाहते थे।
रवि किशन ने बताया कि शुरुआती दौर में वह मेकअप लगाकर कैमरे के सामने खड़े होने और अभिनेता बनने के सपने को पूरा करने के लिए लगातार मौके तलाशते रहे। उन्होंने भोजपुरी सिनेमा में भी अपनी जगह बनाई और आगे चलकर वहां एक मजबूत पहचान कायम की।
रवि किशन ने फिल्म इंडस्ट्री की कमाई के एक महत्वपूर्ण पहलू यानी रॉयल्टी पर भी सवाल उठाया। उनका कहना है कि हॉलीवुड में कलाकारों को फिल्मों की सफलता से आगे भी कमाई का हिस्सा मिल सकता है। अगर उन्हें वैसी व्यवस्था का फायदा मिलता तो उनकी कमाई बहुत अलग होती।
उनके मुताबिक, उन्होंने सैकड़ों फिल्मों में काम किया है और कई फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन फिल्म के बड़े कारोबार का पूरा फायदा अभिनेता की जेब तक नहीं पहुंचता। उन्होंने कलाकारों के लिए रॉयल्टी की व्यवस्था की जरूरत पर जोर दिया और कहा कि इस विषय को संसद में उठाने की इच्छा भी रखते हैं।
रवि किशन ने बताया कि जब हिंदी फिल्मों में उन्हें मन मुताबिक अवसर नहीं मिले तो उन्होंने भोजपुरी सिनेमा को अपनी ताकत बनाया। उनके मुताबिक, भोजपुरी इंडस्ट्री ने उन्हें न सिर्फ पहचान दी बल्कि बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार से जोड़ने में भी भूमिका निभाई।
बातचीत के दौरान रवि किशन ने युवाओं से नशे, शराब और निराशा से दूर रहने की अपील की। उन्होंने अपने संघर्ष को उदाहरण बनाते हुए कहा कि मुश्किल समय कितना भी लंबा क्यों न हो, इंसान को कोशिश नहीं छोड़नी चाहिए। उन्होंने शारीरिक गतिविधियों और प्रकृति के बीच समय बिताने को भी तनाव से बाहर निकलने का एक तरीका बताया।
रवि किशन का कहना है कि उनके जीवन में सफलता रातोंरात नहीं आई। इसके पीछे दशकों का संघर्ष, असफलताएं और लगातार काम करते रहने की जिद रही है।