Kubbra Sait on ADHD: वेबसीरीज ‘संकल्प’ फेम कुब्रा सैत ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (ADHD) को अपनी कमजोरी नहीं, बल्कि ‘सुपर पावर’ बताते हुए इसके बारे में खुलकर अपना एक्सपीरियंस शेयर किया है।
Kubbra Sait on ADHD: हाल ही में बॉलीवुड एक्ट्रेस कुब्रा सैत की वेबसीरीज 'संकल्प' रिलीज हुई है, जिसमें वो एक पुलिस ऑफिसर (परवीन शेख) के किरदार में नजर आ रही हैं। इस सीरीज में उन्होंने दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के साथ स्क्रीन शेयर की है। प्राइम वीडियो पर आई 'संकल्प' को दर्शकों का बहुत प्यार मिल रहा है। खासतौर पर कुब्रा के जबरदस्त अभिनय को लोग पसंद कर रहे हैं। किसी भी टॉपिक पर अपनी बेबाक राय रखने वाली कुब्रा सैत ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिये अपने अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (एडीएचडी) के सफर के बारे में खुलकर बात की और इसे अपनी कमी के बजाय अपना 'सुपर पावर' बताया।
इस वीडियो में कुब्रा ने बताया कि कैसे सालों की सेल्फ-रिफ्लेक्शन और थेरेपी ने उन्हें अपने मन को बेहतर तरीके से समझने में मदद की। उन्होंने माना कि एडीएचडी के साथ कुछ चुनौतियां जरूर आती हैं, लेकिन इसे अपनाने से उन्होंने अपनी क्रिएटिविटी, फोकस और इंडिविजुअलिटी को नए तरीके से पहचानने में काफी मदद मिली। गौरतलब है कि एडीएचडी एक तरह की मानसिक परेशानी है, जिसमें आप चाहकर भी किसी एक काम पर फॉक्स नहीं कर पाते।
कुब्रा ने इस पर बात करते हुए अपने कैप्शन में लिखा है, “गुड मॉर्निंग, ह्यूमंस… मैं पूरी तरह से एक फंक्शनल एडीएचडी दिमाग हूं। हालांकि, मुझे इस बारे में बात करने में वक्त लगा, लेकिन अब ऐसा लगता है कि थेरेपी ने मुझे न सिर्फ क्लैरिटी दी, बल्कि इसने मुझे फोकस करने की क्षमता और अपनी अंदरूनी आवाज़ की खूबसूरती को समझने का नजरिया भी दिया। यही वजह है कि मैं आज पहले से ज्यादा कॉन्फिडेंट और खुश हूं।”
Attention Deficit Hyperactivity Disorder (एडीएचडी) एक न्यूरोडेवलपमेंटल डिसऑर्डर है, जिससे ग्रसित व्यक्ति को ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई, हाइपरएक्टिविटी और इम्पल्सिविटी जैसी समस्याएं होती हैं। यह बच्चों के साथ-साथ बड़ों को भी प्रभावित कर सकता है। इससे पढ़ाई, काम और रिश्तों पर असर पड़ता है, क्योंकि इसमें व्यक्ति अक्सर चीजें भूल जाता है, लंबे समय तक फोकस नहीं कर पाता या बिना सोचे-समझे फैसले ले लेता है। हालांकि, सही समझ, सपोर्ट और ट्रीटमेंट से इसे काफी हद तक मैनेज किया जा सकता है।
कुब्रा ने यह भी साझा किया कि पहले शायद वह अपनी नैचुरल प्रवृत्ति के खिलाफ काम करती थीं, लेकिन अब उन्होंने इस पर विजय पा ली है। इस वीडियो के साथ उन्होंने लोगों को भी अपने अनुभवों को अपनाने और खुलकर साझा करने के लिए प्रेरित किया है।
फिलहाल अपने अलग और दमदार काम के लिए जानी जाने वाली कुब्रा सैत ने फिल्मों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर एक खास पहचान बनाई है और 'सन ऑफ सरदार 2', 'ट्रायल' और 'संकल्प' जैसे प्रोजेक्ट्स में उनके काम ने उनकी वर्सेटिलिटी को साबित किया है।
कुब्रा की यह बात वाकई काबिले गौर है कि एडीएचडी को लेकर उनकी यह ईमानदार बातचीत न सिर्फ मेंटल हेल्थ से जुड़े मुद्दों को सामान्य बनाने में मदद करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि हमारी अलग-अलग खूबियां भी हमारी असली ताकत हो सकती हैं।