
Diljit Dosanjh On Satluj: पंजाबी सिनेमा के सुपरस्टार दिलजीत दोसांझ की चर्चित फिल्म 'सतलुज' (Satluj) (पंजाब 95) एक बार फिर सुर्खियों में है। फिल्म को हाल ही में OTT प्लेटफॉर्म ZEE5 पर रिलीज किया गया था। रिलीज के बाद फिल्म को दर्शकों व फिल्म समीक्षकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया (Positive feedback) मिली। हालांकि, रिलीज के करीब 48 घंटे के भीतर ही फिल्म को भारत में OTT प्लेटफॉर्म से हटा लिया गया। इस फैसले के बाद सोशल मीडिया और फिल्म जगत में नई बहस शुरू हो गई है।
सोशल मीडिया के जरिए ZEE5 ने जानकारी दी कि फिलहाल भारत में दर्शक 'सतलुज' (Satluj) नहीं देख पाएंगे। हालांकि, विदेशों में रहने वाले दर्शकों के लिए फिल्म अभी भी उपलब्ध रहेगी। प्लेटफॉर्म ने यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
OTT प्लेटफॉर्म ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि फिल्म को रिलीज के बाद दर्शकों से शानदार प्रतिक्रिया मिली और इसके लिए वह सभी दर्शकों के आभारी हैं। बयान में कहा गया, " सतलुज को जिस तरह का प्यार और समर्थन मिला है, वह हमारे लिए बेहद मायने रखता है। इस फिल्म को बनाने वाली पूरी टीम के प्रयासों की दर्शकों ने सराहना की, जिसके लिए हम उनका धन्यवाद करते हैं।"
OTT प्लेटफॉर्म ZEE5 की ओर से आगे कहा कि वह फिल्म और इसके पीछे की रचनात्मक सोच के साथ मजबूती से खड़ा है। प्लेटफॉर्म का मानना है कि प्रभावशाली कहानियां समाज पर गहरा असर छोड़ती हैं और लोगों को सोचने के लिए प्रेरित करती हैं।
अपने बयान में ZEE5 ने यह भी संकेत दिया कि फिल्म को भारत में दोबारा उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी। प्लेटफॉर्म के मुताबिक, मौजूदा हालात को देखते हुए 'सतलुज' को अगले आदेश तक भारत में उपलब्ध नहीं कराया जाएगा, लेकिन सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद इसे जल्द से जल्द फिर से दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
फिल्म हटाए जाने के बाद दिलजीत दोसांझ ने पहली बार सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर फिल्म का एक दृश्य साझा करते हुए एक छोटा लेकिन चर्चित कैप्शन लिखा। दिलजीत ने लिखा, "मैं अंधेरे को चुनौती देता हूं।" इसके साथ उन्होंने पंजाबी भाषा में एक और संदेश साझा किया, जिसमें कहा कि "जो 'सतलुज' के साथ हुआ, वही शहीद जसवंत सिंह खालरा के साथ भी हुआ।" उनके इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
दिलजीत दोसांझ ने कहा कि उन्होंने एक वीडियो देखा, जिसमें गुरुद्वारे के अंदर उनकी फिल्म दिखाई जा रही थी। उनके मुताबिक, आज कई घरों में शहीद जसवंत सिंह खालरा के बारे में बातचीत हो रही है और यही उनकी पूरी टीम का असली मकसद था। उन्होंने कहा कि फिल्म को लेकर 4 सालों से जो मेहनत की गई थी, वह आखिरकार रंग लाई और अब उन्हें इस बात की संतुष्टि है कि लोग इस कहानी तक पहुंच चुके हैं।