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‘सच छिप नही सकता’, दिलजीत दोसांझ की Satluj को पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह ने बताया मस्ट वॉच, हुए भावुक

Diljit Dosanjh Satluj Removed From OTT: अभिनेता और सिंगर दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज को 48 घंटे बाद ही ओटीटी से हटा दिया गया। इसी बीच फिल्म देखने के बाद हरभजन सिंह ने फिल्म का रिव्यू दिया है।
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Harbhajan Singh Satluj Review

Harbhajan Singh Satluj Review (सोर्स- @IMDb)

Harbhajan Singh Satluj Review: पूर्व भारतीय क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ने अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ की फिल्म'सतलुज'देखने के बाद अपनी भावनाएं पब्लिक की हैं। उन्होंने फिल्म की खुलकर सराहना करते हुए इसे हर किसी के लिए देखने लायक बताया। हरभजन का कहना है कि इतिहास के कुछ ऐसे सच होते हैं जिन्हें चाहे जितनी कोशिश कर ली जाए, हमेशा के लिए दबाया नहीं जा सकता।

उन्होंने फिल्म के जरिए मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा की कहानी दुनिया के सामने लाने के लिए निर्देशक हनी त्रेहन और दिलजीत दोसांझ की जमकर तारीफ की।

फिल्म देखकर भावुक हुए हरभजन सिंह

हरभजन सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लंबा पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि उन्होंने हाल ही में 'सतलुज' देखी और यह फिल्म उन्हें गहराई तक छू गई। उन्होंने बताया कि फिल्म को दर्शकों से शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है और इसकी कहानी सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि समाज के एक दर्दनाक अध्याय की याद भी दिलाती है।

उन्होंने लिखा कि इतिहास में जलियांवाला बाग जैसी घटनाएं हमेशा याद की जाती हैं क्योंकि वो विदेशी शासन के दौरान हुई थीं। लेकिन इससे भी ज्यादा पीड़ादायक तब होता है, जब अपने ही लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने वाली व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होने लगें। उनके मुताबिक यही सवाल 'सतलुज' देखने के बाद उनके मन में सबसे ज्यादा गूंजता रहा।

'सच ज्यादा दिन तक छिप नहीं सकता'

हरभजन सिंह ने अपने संदेश में कहा कि पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों का सबसे बड़ा कर्तव्य आम नागरिकों की रक्षा करना होता है। अगर कहीं सत्ता के दुरुपयोग के आरोप लगते हैं तो उसका असर पीढ़ियों तक महसूस किया जाता है।

उन्होंने लिखा कि जसवंत सिंह खालरा ने जिन मुद्दों को सामने लाने का साहस दिखाया, उन्हें भुलाया नहीं जाना चाहिए। कई परिवार आज भी न्याय का इंतजार कर रहे हैं और समय चाहे कितना भी बीत जाए, सच एक दिन सामने जरूर आता है। इसी भावना के साथ उन्होंने लिखा कि 'सच को हमेशा के लिए दफन नहीं किया जा सकता।'

जसवंत सिंह खालरा की कहानी पर आधारित है फिल्म

'सतलुज' मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन और उनके संघर्ष से प्रेरित फिल्म है। इसमें दिखाया गया है कि कैसे उन्होंने पंजाब के एक कठिन दौर में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों से जुड़े मामलों को उजागर करने का प्रयास किया।

फिल्म में दिलजीत दोसांझ मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। उनके साथ अर्जुन रामपाल, कंवलजीत सिंह, सुविंदर विक्की और गीतिका विद्या ओहल्यन भी अहम किरदारों में नजर आए हैं। निर्देशक हनी त्रेहन ने इस कहानी को संवेदनशील तरीके से पर्दे पर उतारने की कोशिश की है।

रिलीज से पहले लंबे समय तक फंसी रही फिल्म

'सतलुज' का सफर आसान नहीं रहा। ये फिल्म कई वर्षों तक रिलीज का इंतजार करती रही। शुरुआत में इसे 'पंजाब 95'नाम से बनाया गया था, लेकिन बाद में इसका शीर्षक बदल दिया गया।

रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) की आपत्तियों का सामना करना पड़ा। बताया गया कि फिल्म में कई बदलाव सुझाए गए थे, जिनमें शीर्षक और कुछ संदर्भों को लेकर भी चर्चा हुई। इसी वजह से फिल्म की रिलीज लंबे समय तक टलती रही और अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में इसकी प्रस्तुति भी प्रभावित हुई। हालांकि आखिरकार फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई लेकिन 48 घंटे बाद ही फिल्म को फिर से हटा दिया गया है।

दिलजीत दोसांझ की तारीफ में बोले हरभजन

हरभजन सिंह ने अपने मैसेज के आखिर में दिलजीत दोसांझ और निर्देशक हनी त्रेहन की खासतौर से सराहना की। उन्होंने कहा कि किसी ऐसे व्यक्ति की कहानी को दुनिया तक पहुंचाना, जिसने न्याय के लिए अपनी जिंदगी दांव पर लगा दी, अपने आप में बड़ी बात है।

उनके मुताबिक यह फिल्म सिर्फ एक बायोपिक नहीं बल्कि उन परिवारों की आवाज भी है, जो आज भी जवाब और न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं। उन्होंने कहा कि जसवंत सिंह खालरा के साहस को हमेशा याद रखा जाना चाहिए।

'सतलुज' को लेकर लगातार चर्चा जारी है। फिल्म की कहानी, दिलजीत दोसांझ का अभिनय और अब हरभजन सिंह जैसे सार्वजनिक व्यक्तित्व की प्रतिक्रिया ने इसे फिर से सुर्खियों में ला दिया है।