Shekhar Suman On Stand Up Comedy Controversy: स्टैंडअप कॉमेडियन्स को लेकर शेखर सुमन ने हाल ही में अपनी नाराजगी जाहिर की है। शेखर ने बिना किसी का नाम लिए, क्या कुछ कहा है, चलिए जानते हैं।
Shekhar Suman On Stand Up Comedy Controversy: एक समय था जब कॉमेडी सुनते ही लोगों के चेहरे पर बिना किसी फूहड़पन के मुस्कान आ जाती थी। टीवी पर आने वाले कॉमेडी शोज पूरे परिवार के साथ बैठकर देखे जाते थे। लेकिन अब वही कॉमेडी धीरे-धीरे विवादों और अश्लीलता की तरफ बढ़ती नजर आ रही है।
यही वजह है कि अभिनेता और होस्ट ने आज की स्टैंड-अप कॉमेडी को लेकर खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। क्या कुछ कहा है शेखर सुमन ने, चलिए जानते हैं।
शेखर सुमन का मानना है कि आजकल कई कॉमेडियन मजाक के नाम पर गालियों और डबल मीनिंग बातों का सहारा ले रहे हैं। उनके मुताबिक पहले कॉमेडी में सादगी, समझदारी और बेहतरीन लेखन हुआ करता था, लेकिन अब वो सोच कहीं खोती जा रही है।
कॉमेडी रियलिटी शोज को जज कर चुके शेखर सुमन ने 'ई-टाइम्स' से बात करते हुए पुराने दौर को याद करते हुए कहा कि पहले कलाकारों के पास नए विचार होते थे। लोग जिंदगी के छोटे-छोटे पलों से हास्य निकालते थे। उनकी बातों में चुटीलापन होता था, लेकिन मर्यादा भी बनी रहती थी। आज स्थिति ऐसी हो गई है कि कई लोग सिर्फ वायरल होने के लिए अश्लील भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं।
उन्होंने इशारों में कहा कि इंटरनेट और सोशल मीडिया के दौर में कॉमेडी का स्तर काफी बदल गया है। खासतौर पर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर ऐसे कंटेंट की भरमार है जिसे परिवार के साथ बैठकर सुनना मुश्किल हो जाता है। शेखर का मानना है कि कुछ लोग यह समझ बैठे हैं कि गाली देना ही मॉडर्न और कूल होने की निशानी है, जबकि असली कॉमेडी मजबूत लेखन और शानदार ऑब्जर्वेशन से पैदा होती है।
शेखर सुमन ने टीवी के पुराने लोकप्रिय कॉमेडी शोज का जिक्र करते हुए बताया कि पहले कहानियों और किरदारों पर मेहनत होती थी। शो में हास्य के साथ भावनाएं भी दिखाई देती थीं। यही वजह थी कि लोग उन कार्यक्रमों को सालों बाद भी याद करते हैं।
उन्होंने कहा कि आज कई कॉमेडियंस आसान रास्ता चुन रहे हैं। नए जोक्स लिखने या अलग सोच विकसित करने के बजाय लोग इधर-उधर से पंचलाइन उठाकर प्रस्तुत कर देते हैं। इससे कॉमेडी की मौलिकता खत्म होती जा रही है।
जब उनसे पूछा गया कि क्या आज की नई पीढ़ी में कोई ऐसा कॉमेडियन है जिसे वो पसंद करते हैं, तो उन्होंने किसी एक नाम का जिक्र करने से बचते हुए कहा कि आज हर तरह के कलाकारों के लिए ऑडियंस मौजूद है। जो दर्शकों को पसंद आ रहा है, वही आगे बढ़ रहा है।
इस बातचीत के दौरान शेखर सुमन ने मशहूर कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव को भी याद किया। उन्होंने बताया कि जब ‘द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज’ शुरू होने वाला था, तब राजू श्रीवास्तव को इस बात की चिंता थी कि अगर वह शो नहीं जीत पाए तो क्या होगा। उस वक्त शेखर ने उन्हें समझाया था कि असली जीत लोगों का प्यार होता है, ट्रॉफी नहीं।
बाद में वही हुआ। शो जीतने वाले कई कलाकार समय के साथ पीछे छूट गए, लेकिन राजू आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं। उनकी कॉमेडी आम जिंदगी से जुड़ी होती थी और बिना किसी अभद्र भाषा के लोगों को हंसाने की ताकत रखती थी।