मनोरंजन

‘बेबी’ से ‘गांधारी’ तक, एक्शन से इमोशनल किरदारों तक ऐसे बदला तापसी पन्नू का फिल्मी सफर

Taapsee Pannu Journey: बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाने वाली तापसी पन्नू उन अभिनेत्रियों में शामिल हैं, जिन्होंने हमेशा अलग और चुनौतीपूर्ण किरदार निभाए। जानिए कैसे एक्शन से मजबूत महिला भूमिकाओं तक उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई।
2 min read
• •
Updated: 7 Sep 2026, 2:31 PM IST
Taapsee Pannu Journey
‘बेबी’ की एक्शन गर्ल से ‘गांधारी’ की मां तक, तापसी पन्नू ने निभाए अलग-अलग किरदार। (AI Generated Photo)

Taapsee Pannu Journey: बॉलीवुड में कुछ कलाकार ऐसे होते हैं जो एक ही तरह के किरदारों में बंधकर नहीं रहना चाहते। तापसी पन्नू भी उन्हीं अभिनेत्रियों में से एक हैं। अपने करियर की शुरुआत से ही उन्होंने अलग-अलग तरह की फिल्मों और किरदारों को चुना। कभी वह एक्शन करती नजर आईं, तो कभी सामाजिक मुद्दों पर आधारित फिल्मों में मजबूत महिला की भूमिका निभाई। अब तापसी ‘गांधारी’ में एक ऐसी मां की भूमिका में नजर आ रही हैं, जो अपनी बेटी को बचाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। ऐसे में आइए जानते हैं ‘बेबी’ से ‘गांधारी’ तक तापसी पन्नू का सफर कैसा रहा।

‘बेबी’ में दिखा था एक्शन अवतार

साल 2015 में आई फिल्म 'बेबी' ने तापसी पन्नू के फिल्मी करियर को एक नया मुकाम दिया। ये फिल्म तापसी की बॉलीवुड एंट्री फिल्म भी रही. अक्षय कुमार के साथ एक्ट्रेस की ये फिल्म करियर में एक अहम पड़ाव रही। फिल्म में उनका किरदार भले ही ज्यादा लंबा नहीं था, लेकिन उन्होंने अपनी मौजूदगी से दर्शकों का ध्यान खींचा। एक्शन से भरपूर इस फिल्म में तापसी को एक अलग अंदाज में देखा गया।

‘नाम शबाना’ से मजबूत हुई एक्शन इमेज

इसके बाद ‘नाम शबाना’ में उन्होंने अपने एक्शन अवतार को और आगे बढ़ाया। इस फिल्म में वो एक अंडरकवर एजेंट के किरदार में नजर आईं। इस भूमिका ने तापसी को बॉलीवुड की उन अभिनेत्रियों की कतार में खड़ा किया, जो एक्शन करने से भी पीछे नहीं हटतीं।

‘पिंक’ ने बदली तापसी की पहचान

अगर ‘बेबी’ और ‘नाम शबाना’ ने तापसी की एक्शन इमेज बनाई, तो 2016 में रिलीज हुई ‘पिंक’ ने उनके करियर को बिल्कुल अलग दिशा दी। फिल्म में उन्होंने मीनल अरोड़ा का किरदार निभाया, जो मुश्किल परिस्थितियों में अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाती है। ‘पिंक’ के बाद तापसी को सिर्फ एक एक्शन अभिनेत्री के तौर पर नहीं देखा गया। उन्होंने ऐसी फिल्मों का हिस्सा बनना शुरू किया, जिनमें कहानी और किरदार दोनों मजबूत थे।

हर बार चुना अलग किरदार

तापसी की खासियत रही है कि उन्होंने एक जैसी भूमिकाओं को बार-बार दोहराने से बचने की कोशिश की। ‘मनमर्जियां’ में उनका किरदार रोमांटिक और बिंदास था, तो ‘थप्पड़’ में उन्होंने घरेलू हिंसा के खिलाफ खड़ी महिला की कहानी को पर्दे पर उतारा।
इसके बाद ‘रश्मि रॉकेट’ में वो एथलीट बनीं। इस भूमिका के लिए उन्होंने अपने शरीर और लुक पर भी काफी काम किया। वहीं ‘डंकी’ में उन्होंने एक अलग तरह का भावनात्मक किरदार निभाया। हाल ही में वो अस्सी फिल्म में नजर आयीं थीं, जिसमें उन्होंने के वकील का किरदार निभाया था, जो गैंग रेप पीड़िता को इन्साफ दिलाने के लिए सारी दुनिया से लड़ जाती है।

देखा जाए तो तापसी ने अपने करियर में एक्शन, रोमांस, ड्रामा, सामाजिक मुद्दों और स्पोर्ट्स जैसे अलग-अलग जॉनर में काम किया और हर बार खुद को नए रूप में पेश करने की कोशिश की।

‘गांधारी’ में फिर लौटा तापसी का एक्शन

अब तापसी पन्नू ‘गांधारी’ के साथ एक बार फिर एक्शन के बीच नजर आ रही हैं। फिल्म में वो एक दृष्टिबाधित महिला की भूमिका निभा रही हैं। हालांकि, इस बार उनका किरदार सिर्फ एक एक्शन हीरोइन का नहीं है। फिल्म में वो एक मां की भूमिका निभा रही हैं, जो अपनी अगवा बेटी को खोजने और उसे बचाने के लिए संघर्ष करती है। ‘गांधारी’ तापसी के करियर में एक दिलचस्प बदलाव दिखाती है। यहां उनका एक्शन उनके किरदार के इमोशनल सफर से जुड़ा हुआ है।

Updated on:
7 Sep 2026, 2:31 PM IST
Published on: