
Tabu personality rights: बॉलीवुड एक्ट्रेस तब्बू को उनकी पहचान के गलत इस्तेमाल के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। कोर्ट ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बने कंटेंट, डीपफेक, फेस मॉर्फिंग, फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट और बिना अनुमति इस्तेमाल की गई फोटोज समेत अन्य आपत्तिजनक सामग्री के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। साथ ही, Google, Meta, X और Reddit सहित कई डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को तब्बू से जुड़े 150 से ज्यादा URL हटाने और उनका एक्सेस ब्लॉक करने का निर्देश दिया है।
जस्टिस ज्योति सिंह ने तब्बू की याचिका पर सुनवाई करते हुए उनकी पहचान से जुड़े ऑनलाइन कंटेंट का संज्ञान लिया। कोर्ट ने AI, डीपफेक, फेस मॉर्फिंग और दूसरी डिजिटल टेक्नोलोजी के जरिए तब्बू की पहचान के बिना अनुमति इस्तेमाल पर एकतरफा अंतरिम रोक लगा दी।
बता दें, कोर्ट ने माना कि तब्बू का नाम और उनका स्टेज नेम 'तब्बू', उनकी तस्वीर, आवाज, समानता और व्यक्तित्व से जुड़ी दूसरी खूबियां अब उनकी अलग पहचान बन चुकी हैं। ऐसे में इनका बिना अनुमति इस्तेमाल उनकी पर्सनैलिटी और पब्लिसिटी राइट्स से जुड़ा मामला बनता है। हालांकि, सुनवाई के दौरान कोर्ट ने आपत्तिजनक और अश्लील कंटेंट के तेजी से फैलने को लेकर भी चिंता जताई। लाइव लॉ के अनुसार, जस्टिस सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि अगर ऐसे कंटेंट को हटाने में दो-तीन हफ्ते भी लग जाएं तो तब तक वो बड़े लेवल पर ऑनलाइन फैल सकता है।
दिल्ली हाई कोर्ट ने अलग-अलग डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए प्लेटफॉर्म-स्पेसिफिक निर्देश जारी किए हैं। Google LLC को आदेश मिलने के 36 घंटे के भीतर अलग-अलग सेट में कुल 34 URL हटाने या डिसेबल करने का निर्देश दिया गया है। तब्बू ने एक ऐसे इंस्टाग्राम अकाउंट को लेकर भी चिंता जताई, जिस पर पर उनके अपीयरेंस और परफॉर्मेंस की बुकिंग की पेशकश की जा रही थी। एक्ट्रेस ने कोर्ट को बताया कि उनका इस अकाउंट से कोई संबंध नहीं है और उन्होंने किसी को अपनी ओर से बुकिंग कराने की अनुमति नहीं दी है।
शिकायत के मुताबिक, इस अकाउंट के करीब 2,000 फॉलोअर्स थे और इसमें तब्बू के नाम, तस्वीरों और वीडियो क्लिप का इस्तेमाल इस तरह किया गया था, जिससे लोगों को उनके साथ किसी तरह के जुड़ाव का भ्रम हो सकता था। इसके अलावा, तब्बू ने ऐसी वेबसाइटों पर भी आपत्ति जताई जहां उनकी तस्वीरों वाले मग, पोस्टर, कैलेंडर, हुडी, स्वेटशर्ट और दूसरे सामान बेचे जा रहे थे। उनकी ओर से दलील दी गई कि इस तरह उनकी पहचान का इस्तेमाल कर बिना अनुमति कमर्शियल कनेक्शन बनाया जा रहा है।
कोर्ट ने तब्बू के लंबे फिल्मी करियर और उनकी सार्वजनिक पहचान को भी ध्यान में रखा। ऑर्डर में उनके भारतीय और अंतरराष्ट्रीय सिनेमा में काम, पद्म श्री, दो नेशनल अवॉर्ड और दूसरे सम्मान का जिक्र किया गया है। कोर्ट के मुताबिक, तब्बू के लाखों फॉलोअर्स हैं और इंस्टाग्राम पर उनके करीब 3.2 मिलियन फॉलोअर्स हैं। वो कई जाने-माने ब्रांड्स से भी जुड़ी रही हैं।
दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले को कमर्शियल केस के तौर पर रजिस्टर कर लिया है और समन जारी किया है। बता दें, डिस्कवरी, प्रोडक्शन और इंस्पेक्शन से जुड़ी अर्जियों पर भी कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 7 दिसंबर 2026 को होगी। तब तक अंतरिम रोक लागू रहेगी, हालांकि ये आगे के आदेशों के अधीन होगी। दरअ, कोर्ट ने मामले से जुड़े व्यापक कानूनी सवालों पर मदद के लिए एमिकस क्यूरी नियुक्त करने का भी संकेत दिया है। इससे AI, डीपफेक और किसी सेलिब्रिटी की पहचान के बिना अनुमति इस्तेमाल से जुड़े कानूनी पहलुओं पर आगे की सुनवाई में मदद मिल सकती है।