Vir Das: पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजे धीरे-धीरे साफ हो रहे हैं ऐसे में कॉमेडियन और एक्टर वीर दास ने अपने सरनेम को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बताया कि वह बंगाली नहीं हैं। आखिर उन्हें ये क्यों करना पड़ा? इसके पीछे एक बड़ा कारण है…
Vir Das West Bengal Elections post: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों को लेकर पूरे देश में हलचल मची हुई है। एक तरफ जहां सियासी गलियारों में धड़कनें तेज हैं, वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर मशहूर स्टैंड-अप कॉमेडियन वीर दास ने एक पोस्ट से सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। अपनी बेबाक राय और तीखे व्यंग्य के लिए जाने जाने वाले वीर दास ने सोमवार की सुबह उन लोगों को आइना दिखाया, जो अक्सर उनके 'सरनेम' को लेकर उन्हें गलतफहमी का शिकार बना लेते हैं। उन्होंने कहा कि वह बंगाली नहीं हैं।
दरअसल, सोमवार सुबह जैसे ही बंगाल में वोटों की गिनती शुरू हुई, वीर दास ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट X (ट्विटर) पर एक पोस्ट शेयर किया। उन्होंने लिखा, "आमतौर पर जब भी बंगाल में कुछ होता है, तो कुछ 'बेनाम लोग' मुझे टैग करके कहते हैं- 'देखो तुम्हारे बंगाल में क्या हो गया, भाई'। आज का दिन (नतीजों का दिन) शुरू होने से पहले ही मैं यह बात साफ कर देना चाहता हूं कि मेरा नाम दास जरूर है, लेकिन मैं बंगाली नहीं हूं। मैं आधा यूपी वाला और आधा बिहारी हूं। आप सभी को शुभकामनाएं।"
वीर दास की यह पोस्ट उन सोशल मीडिया ट्रोल्स के लिए एक करारा तंज थी, जो सिर्फ उनके नाम के पीछे 'दास' लगा देखकर उन्हें बंगाल की राजनीति और वहां की घटनाओं में घसीट लेते हैं। वीर अक्सर सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर बोलते रहते हैं, जिसकी वजह से वह ट्रोल्स के निशाने पर रहते हैं। इस बार उन्होंने नतीजों के हंगामे से पहले ही साफ कर दिया कि उनकी जड़ें कहां से जुड़ी हैं।
एक तरफ जहां वीर दास अपनी पहचान साफ कर रहे थे, वहीं बंगाल में वोटों की गिनती के साथ ही सियासी पारा चढ़ गया है। मुख्य मुकाबला ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच है। गिनती शुरू होने से ठीक पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से बेहद सतर्क रहने को कहा था।
ममता ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि कई जगहों पर 'स्ट्रांग रूम' के पास बिजली कटौती और CCTV में रुकावट की खबरें आ रही हैं। उन्होंने दावा किया कि यह सब बीजेपी के इशारे पर किया जा रहा है और कार्यकर्ताओं को पूरी रात ईवीएम की सुरक्षा के लिए पहरा देने की सलाह दी थी। फिलहाल, बंगाल के ये नतीजे न सिर्फ राज्य बल्कि देश की राजनीति की दिशा तय करने वाले माने जा रहे हैं।
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