एटा नगर पालिका से निर्दलीय प्रत्याशी मीरा गांधी ने 167 वोटों से भाजपा प्रत्याशी को मात दी है।
एटा। नगर पालिका परिषद का चुनाव में हारने से बौखलाए भाजपाइयों ने एटा में शुक्रवार रात को जमकर बवाल किया। सैकड़ों भाजपाइयों के साथ जिलाध्यक्ष दिनेश वशिष्ठ डीएम आवास के बाहर धरने पर बैठ गए और दोबारा मतगणना की मांग करने लगे। स्थिति बिगड़ता देख पुलिस ने प्रर्दशनकारियों पर लाठीचार्ज कर दिया। जिसमें कई लोग घायल हो गये।
डीएम पर लगाया रिश्वत लेने का आरोप
बताया जाता है कि मतगणना के बाद जब निर्दलीय प्रत्याशी मीरा गांधी की 167 मतों से जीत की घोषणा कर दी गयी तो भाजपाई एकत्रित होकर जिलाधिकारी आवास पर पहुंच गये और विजयी प्रत्याशी को हराने के लिए नारेबाजी करने लगे। हारी हुईं भाजपा प्रत्याशी शालिनी गुप्ता के पक्ष में निर्णय देने को लेकर अड़े रहे। बात न बनने पर रिकाउंटिंग की मांग करने लगे और डीएम अमित किशोर पर मीरा गांधी से पांच करोड़ रुपये लेकर जिताने का आरोप लगा दिया।
पुलिस ने किया लाठीचार्ज, कई घायल
डीएम ने निर्वाचन आयोग का हवाला देते हुए उन्हें समझाने का प्रयास किया कि लेकिन वे डीएम आवास से नहीं हटे। आवास के बाहर भाजपाई नारेबाजी कर हंगामा करने लगे। स्थिति बिगड़ता देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर भाजपाइयों को वहां से खदेड़ दिया। इसमें कई कार्यकर्ता घायल हो गए। प्रदर्शन करने वालों में भाजपा नेता गजेंद्र सिंह चौहान, रामस्वरूप पहलवान, विजेंद्र गुप्ता, शिवांक गुप्ता, रामू चौहान, रंजीत समेत कई कार्यकर्ता शामिल थे।
निष्पक्ष रूप से सम्पन्न हुआ चुनाव
इस दौरान भाजपा नेता देर रात तक एटा सांसद राजवीर सिंह उर्फ राजू भैय्या के आने का इंतजार करते रहे, लेकिन वो नहीं आए। इस संबंध में डीएम ने बताया है कि चुनाव निष्पक्ष रूप से सम्पन्न कराया गया है। इन लोगों के आरोप गलत हैं।