उत्तर प्रदेश की एटा पुलिस आजकल खूब चर्चा में है। मामला किसी बड़े एक्शन का नहीं ना ही किसी शातिर को पकड़ने का है। मामला है थाने से गांजा चूहों के खा लेने का।
यूपी पुलिस का कहना है कि 5 करोड़ रूपए का गांजा थाने के चूहे फूंक गए। इसके पहले भी 1400 पेटी शराब चूहे गटक गए थे। अब इस मामले में पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध है।
एटा जिले के चूहे नशेड़ी हो गए हैं। ऐसी संभावना इसलिए जताई जा रही है क्योंकि जिले के एक थाने से 5 करोड़ का गांजा चूहों ने चोरी कर लिया है यानी थाने में रखा गांजा चूहे खा गए हैं। चर्चा है कि गांजा गायब कर दिया गया है। कहा से जा रहा है कि इसमें पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध है। कार्रवाई से बचने के लिए चूहों के गांजा खाने का तर्क दिया जा रहा है।
आपको बता दें कि छह फरवरी को एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की ऑपरेशनल इकाई आगरा के सीओ ने आसपुर टोल प्लाजा से एक कैंटर और दो लोगों को पकड़ा था। कैंटर में पुराने कपड़ों के बीच में गांजा छुपाया गया था। पुलिस ने 10.41 क्विंटल गांजा बरामद किया था जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 5.20 करोड़ रुपये बताई गई थी। इसके बाद एंटी नारकोटिक्स टीम ने एटा के मलावन थाना में मुकदमा दर्ज कर गांजे को मालखाने में दाखिल कर दिया था।
एटा के अपर पुलिस अधीक्षक धनंजय सिंह कुशवाहा ने माल गायब होने के शक में अगस्त में जांच शुरू की थी लेकिन कुछ समय बाद उनका तबादला हो गया था। संभावना जताई गई है कि पैकेट काटकर काफी मात्रा में गांजा निकाला गया है। इस मामले में थाना प्रभारी नित्यानंद पांडेय का कहना है कि अपर पुलिस अधीक्षक ने जब निरीक्षण किया था तो उन्हें कुछ पैकेट कटे हुए मिले थे। उनका कहना था कि उन पैकेट को चूहे कुतर गए।
मार्च 2021 में एटा के कोतवाली देहात से 1400 शराब की पेटियां गायब हो गई थीं। मामले में एक्शन लेते हुए तत्कालीन डीएम विभा चहल ने थाना प्रभारी और मालखाने के मुंशी को निलंबित कर एफआईआर दर्ज की थी। मामले में पुलिस ने अपनी जांच रिपोर्ट में लिखा था कि चूहों ने शराब की पेटियां काट दी थी जिसके चलते शराब नष्ट हो गई।