
एटा। उत्तर प्रदेश में महिलाओं का उत्पीड़न और शोषण रुकने का नाम नहीं ले रहा है। उन्नाव कांड को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस की किरकिरी हो रही है। वहीं एटा पुलिस के एक दरोगा ने गोताखोरों की सहायता से तीन जानें बचाकर उत्तर प्रदेश पुलिस को राहत प्रदान की है।
बच्चों को पेट से बांधकर नहर में कूदी
एटा के थाना देहात कोतवाली क्षेत्र के नगला डूंडा गाँव का है। अवैध संबंधों के चलते पति द्वारा अपनी और बच्चों की पिटाई तथा गृह क्लेश से आजिज आकर पत्नी नीरज ने अपने तीन बच्चों 8 वर्षीय किंजल बेटी, व 5वर्षीय बेटा अंकित और 6 वर्षीय बेटी रचना को पेट से बांधकर हजारा नहर में छलांग लगा दी। नहर से महज 20 मीटर दूरी पर स्थित जावड़ा पुलिस चौकी पर मौजूद चौकी प्रभारी यतेन्द्र तेवतिया ने नहर में किसी के गिरने की आवाज सुनी। तत्परता दिखाते हुए दो गोताखोरों की मदद से तीनों बच्चो सहित महिला को नहर से बाहर निकाल लिया। सभी को जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया। 6 वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। पीड़िता महिला ने पति, सास, ससुर और जेठ पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। पुलिस अब उत्पीड़न करने वालों पर कार्रवाई करने की बात कह रही है।
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पति के अवैध संबंध
पत्नी नीरज का आरोप है कि पति पंकज के किसी दूसरी महिला से अवैध संबंध हैं। वह विरोध करती है तो पति मारपीट करता है। इससे परेशान होकर वो अपने तीनों बच्चों सहित आत्महत्या करना चाहती थी। वह आठ साल से जुल्म सह रही है। उसकी पीड़ा सुनकर पुलिस का कलेजा भी पसीज गया। थानाध्य्क्ष कोतवाली देहात सुभाष कठेरिया ने पीड़िता नीरज की ससुराल गाँव नगला डूंडा में दबिश दी। सभी आरोपी ससुरालीजन घर से फरार हो गए।
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की जाएगी कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक (अपराध) राहुल कुमार ने कहा कि एक महिला अपने तीन बच्चो के साथ नहर में कूद गई थी। पुलिस ने और गोताखोरों के सहयोग से निकाल लिया है। 8 बर्षीय एक बच्ची की मौत हो गई है। हम मामले की छानबीन में लगे हुए हैं। जांच के बाद कठोर कार्रवाई की जाएगी।