
Akhilesh Yadav Etawah Visit: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 12 नवंबर को अयोध्या जाने का ऐलान किया। इससे पहले 8 नवंबर को इटावा में निर्माणाधीन केदारेश्वर मंदिर पहुंचे अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी और योगी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने अयोध्या में विकास कार्यों के नाम पर गड़बड़ी होने, स्थानीय लोगों के हितों की अनदेखी करने और किसानों को उनकी जमीन का उचित मुआवजा नहीं देने का आरोप लगाया है।
सपा प्रमुख ने भाजपा सरकार से राम मंदिर से जुड़ी गतिविधियों के साथ ही चढ़ावे और दान में हुई गड़बड़ी के मामले में जवाब मांगा। उन्होंने सवाल किया कि, "राम मंदिर चंदा चोरी में शामिल लोगों के खिलाफ SIT जांच के बाद क्या कार्रवाई हुई। सरकार को यह बताना चाहिए कि जांच का नतीजा क्या निकला और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कब कदम उठाए जाएंगे? अखिलेश ने सरकार से इस मामले में जल्द से जल्द जवाबदेही तय करने की मांग की।"
अखिलेश यादव ने अयोध्या में विकास कार्यों के लिए जमीन अधिग्रहण को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर किसानों को उचित मुआवजा नहीं दिया गया है। जब सरकार जमीन लेती है तो उसका मुआवजा बाजार दर के हिसाब से मिलना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट के निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े किए। बारिश के दौरान सड़कों पर जलभराव का जिक्र करते हुए अखिलेश ने कहा कि विकास के नाम पर बड़ी रकम खर्च की गई, लेकिन जमीन पर उसका कोई परिणाम दिखाई नहीं दिया।
अयोध्या में भाजपा के चुनावी प्रदर्शन को लेकर अखिलेश यादव ने करारा तंज कसा। उन्होंने कहा कि इस बार भाजपा को पूरी अयोध्या से जीरो मिलने वाला है और अब भाजपा को जीरो की आदत डाल लेनी चाहिए। इसके अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के धार्मिक बयानों पर सवाल उठाते हुए अखिलेश ने कहा कि भगवान श्रीराम के पिता और भगवान श्रीकृष्ण को लेकर जो बातें कही जा रही हैं उस पर कोई सवाल क्यों नहीं उठा रहा है?
अखिलेश यादव ने वरिष्ठ सपा नेता आजम खान और उनके परिवार के साथ हुए व्यवहार पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि आजम खान और उनके परिवार के साथ अन्याय हुआ है और जब सपा की सरकार बनेगी तो उन्हें न्याय दिलाया जाएगा। अखिलेश ने कहा कि सरकार केवल राजनीतिक और धार्मिक विवादों के जरिए बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की समस्याओं और अर्थव्यवस्था जैसे असली मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाना चाहती है।