सैफई मेडिकल यूनीवर्सिटी के चिकित्सा अधीक्षक डा. आदेश कुमार ने यह जानकारी दी...
इटावा. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्मंत्री अखिलेश यादव के गृहनगर मे स्थापित सैफई मेडिकल कालेज के पैथोलॉजी एवं ब्लड बैंक विभाग में पैसा लेकर ब्लड देने वाले दो ब्लड डोनर पकडे़ जाने से हडकंप मच गया। सैफई मेडिकल यूनीवर्सिटी के चिकित्सा अधीक्षक डा. आदेश कुमार ने यह जानकारी दी।
दोनों ब्लड डोनर इटावा के
उन्होंने बताया कि पकड़े गये दोनों ब्लड डोनर इटावा के रहने वाले हैं। एक ब्लड डोनर नाम धर्मेश गौतम पुत्र वंशलाल गौतम तथा दूसरा सुनील पुत्र श्याम सिंह है। उन्होंने बताया कि इमरजेंसी में भर्ती महिला मरीज ममता पत्नी रमेश को दो यूनिट ब्लड की आवश्यकता थी। जिसकी जानकारी उसके रिश्तेदारों को दी गयी। रिश्तेदारों द्वारा दो पेशेवर ब्लड डोनर को ब्लड देने के लिए ब्लड बैंक लाया गया। जहॉ संदेह होने पर उनसे पूछताछ की गयी। दोनों डोनर ने पैसे लेकर ब्लड देने की बात कही। इस सम्बन्ध में पूछताछ में मरीज के रिश्तेदार ने भी माना है कि उसने ब्लड डोनर को पैसे देकर ब्लड डोनेशन के लिए तैयार किया। मरीज के रिश्तेदार तथा पकडे़ गये ब्लड डोनर ने पैसे लेकर ब्लड देने की अपनी गलती मानी है। अस्पताल प्रशासन द्वारा सभी से लिखित में इकरारनामा लेकर पुलिस में शिकायत की गयी है साथ ही भविष्य में इस प्रकार पैसे लेकर ब्लड देने पर कठोर पुलिस कार्यवाही की चेतावनी दी गयी है।
पेशेवर डोनर को लेकर अस्पताल गंभीर
मरीज ममता को देखने वाले सर्जरी विभाग के डा. प्रशान्त पाण्डेय ने बताया कि पेशेवर ब्लड डोनर को लेकर अस्पताल प्रशासन बहुत ही गंभीर है। इस प्रकार के तत्वों को हतोत्साहित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पेशेवर ब्लड डोनर के साथ कई तरह की गंभीर बीमारियों के परिचालन का खतरा बना रहता है। जिसमें गंभीर बीमारियॉ जैसे एचआईवी एड्स, हेपेटाइटिस बी आदि भी होने की संभावना रहती है। उन्होंने यह भी बताया कि मरीज ममता की गंभीर स्थित को देखते हुए चिकित्सा अधीक्षक डा. आदेश द्वारा दो यूनिट ब्लड मुफ्त उपलब्ध कराया गया। उन्होंने बताया कि यदि किसी को भी यह जानकारी मिलती है कि कोई भी व्यक्ति पैसे लेकर या देकर ब्लड डोनेशन करता है तो इसकी सूचना चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय या ब्लड बैंक प्रभारी से कर सकता है जिस पर यथोचित कार्यवाही की जायेगी।