इटावा में डीएपी खाद की काफी मांग है। जिसे प्रशासन पूरा नहीं कर पा रहा है। इसको देखते हुए नकली खाद बनाने वाले भी सक्रिय हो गए हैं। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने नकली खाद फैक्ट्री का खुलासा किया है। मौके से भारी मात्रा में सामग्री भी बरामद की गई है।
उत्तर प्रदेश के इटावा में नकली डीएपी, यूरिया बनने की फैक्ट्री का खुलासा हुआ है। जहां पर बड़े पैमाने पर नकली खाद और यूरिया बनाई जा रही थी। मौके से मशीन भी बरामद हुई है। इस समय किसानों में खाद और यूरिया की काफी मांग है और काफी किल्लत है। इसको देखते हुए नकली खाद बनाने वाले सक्रिय हो गए। मुखबिर की सूचना पर कृषि विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में यह खुलासा हुआ है। जिला प्रशासन के इस कार्रवाई से नकली खाद बनाने वालों में हड़कंप मच गया। कृषि उपनिदेशक ने बताया कि नकली डीएपी बनाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाया जाएगा। उन्होंने किसानों को भी सावधान किया है। मामला फ्रेंड्स कॉलोनी थाना क्षेत्र का है।
उत्तर प्रदेश के इटावा में एसडीएम सदर को नकली खाद फैक्ट्री के विषय में मुखबिर से सूचना मिली। मुखबिर की सूचना पर जिला कृषि अधिकारी प्रमोद कुमार और नायब तहसीलदार शिखर मिश्रा की टीम बनाई गई। जिसमें स्थानीय पुलिस का भी सहयोग लिया गया। छापा मार कार्रवाई के दौरान टीम को यूरिया, सफेद पाउडर से नकली माल तैयार करते हुए मिला। इस दौरान लाल रंग का पाउडर 33 बोरियों में बरामद हुआ। जबकि 51 बोरियों में दानेदार पदार्थ, 15 बोरियों में सफेद रंग का पाउडर भी टीम ने बरामद किया।
क्या कहते हैं कृषि उपनिदेशक?
कृषि उपनिदेशक आरएन सिंह ने बताया कि नकली खाद बनाने की फैक्ट्री के संबंध में जानकारी मिली। जिसके बाद टीम ने संयुक्त कार्रवाई की। नकली खाद बनाने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों को भी असली और नकली डीएपी के विषय में सावधान किया है। छापा मार कार्रवाई के दौरान मौके से कमलेश कुमार को गिरफ्तार किया गया। जबकि मुख्य आरोपी वीरेंद्र सिंह फरार हो गया।