इटावा के मौलाना जर्जिस अंसारी की पश्चिम बंगाल में दी गई तकरीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। वीडियो वायरल होने के बाद इसे लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस शुरू हो गई है।
Maulana Jarjis Ansari on UP Muslim: उत्तर प्रदेश के इटावा के मौलाना जर्जिस अंसारी ने हाल ही में पश्चिम बंगाल में एक तकरीर दी है। इस तकरीर का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मौलाना ने उत्तर प्रदेश में मुसलमानों की स्थिति पर चिंता जताई और लोगों से बंगाल में शिफ्ट होने की सलाह दी।
मौलाना जर्जिस अंसारी ने अपनी बात में यूपी की कई समस्याओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यूपी में अवैध मदरसों पर बुलडोजर चलाए जा रहे हैं। मस्जिदों में रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर नहीं बज सकते। दिन में भी लाउडस्पीकर की आवाज मस्जिद के बाहर नहीं जानी चाहिए, यानी इसके लिए सख्त नियम हैं। मस्जिद में बिना अनुमति के कोई कार्यक्रम या गतिविधि नहीं हो सकती। अजान पर भी पाबंदी लगी हुई है। मौलाना ने कहा कि यूपी में हम लोगों की हालत बहुत खराब है। मैंने कई बार अपने घरवालों से कहा है कि यूपी छोड़ दो और बंगाल में शिफ्ट हो जाओ।
मौलाना ने आगे कहा कि मुसलमानों के लिए सबसे ज्यादा सुरक्षित जगह पश्चिम बंगाल है। यहां मुसलमानों को कोई दिक्कत नहीं होती। उन्होंने यूपी के लोगों से अपील की, 'यूपी वाले, आओ बंगाल में शिफ्ट हो जाओ।' यह तकरीर पश्चिम बंगाल में हुई, जहां मौलाना ने यूपी और बंगाल की स्थिति की तुलना की। उन्होंने दावा किया कि बंगाल में मुसलमानों को पूरी आजादी और सुरक्षा मिलती है।
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। कई लोग इसे धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाला बता रहे हैं। कुछ का कहना है कि यह सिर्फ मौलाना की व्यक्तिगत राय है और इसमें कोई गलत बात नहीं। विभिन्न राजनीतिक दल और सामाजिक संगठनों में इस पर चर्चा शुरू हो गई है। कुछ लोग इसे मुसलमानों की असुरक्षा का प्रमाण मान रहे हैं, जबकि अन्य इसे गलत तरीके से फैलाया जा रहा बताते हैं।
मौलाना जर्जिस अंसारी इटावा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। वे इस्लामिक तकरीरें देते हैं और कई बार अपनी बातों के कारण विवादों में रहे हैं। पहले भी उनकी कुछ टिप्पणियों पर कार्रवाई हुई है। इस बार की तकरीर दिसंबर 2025 के आसपास की बताई जा रही है, जो अब 2026 में वायरल हो रही है।