
Pradhanmantri Kisan Samman Nidhi इटावा में अपात्रों की सूची तैयार की गई है। जिन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि ली है। अब उनसे वसूली की तैयारी की जा रही है। विभाग ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि लेने वालों की जांच की है। जिसमें बड़ा खुलासा हुआ है। कृषि उपनिदेशक आर एन सिंह ने बताया कि जिले में 11500 से अधिक लाभार्थी अपात्र पाए गए हैं। जिसकी सूची शासन को भेज दी गई है। सूची बनने के बाद अपात्रों में हड़कंप मचा है।
उत्तर प्रदेश के इटावा में कृषि विभाग ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि लेने वाले लाभार्थियों की जांच की। जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। इसमें पति-पत्नी दोनों ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि ले रहे हैं। कई मामलों में नाबालिग बच्चे भी किसान सम्मान निधि ले रहे हैं। वहीं अनेक नाम विरासत में दर्ज है। विभाग की जांच के बाद सूची तैयार की गई है। जिसमें कुल 11539 अपात्र पाए गए हैं।
कृषि विभाग की जांच में पाया गया कि 250 नाबालिग बच्चे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ उठा रहे हैं। इस संबंध में कृषि उपनिदेशक आरएन सिंह ने बताया कि किसानों ने स्वयं घोषणा पत्र भरकर अपनी जानकारी दी है। जो असत्य पाए गए हैं। इनमें पति-पत्नी और नाबालिग बच्चे भी शामिल है। जबकि पात्रता में यह शर्त है कि पति-पत्नी में केवल एक को किसान सम्मान निधि मिल सकता है। इसके अतिरिक्त सरकारी कर्मचारी और आयकर दाता भी प्रधानमंत्री किसान सम्मन निधि लेने के अपात्र हैं। घोषणा पत्र में गलत जानकारी देकर योजना का लाभ ले रहे हैं। ऐसे में उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। सम्मान निधि की वसूली की जाएगी।