
लंदन। खाड़ी क्षेत्र में ब्रिटेन और ईरान के बीच तनाव जारी है। स्टेट आफ होर्मुज में ईरान ने ब्रिटेन का एक तेल टैंकर जब्त किया था। इसको रिहा करने के लिए अब ब्रिटेन ने कोशिशें तेज कर दी है। शनिवार को ब्रिटेन के विदेश सचिव जेरेमी हंट ने अवैध रूप से जब्त किए गए ब्रिटेन के टैंकर को रिहा करने का आग्रह किया है।
अंतरराष्ट्रीय जहाजों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हंट ने शनिवार को कहा कि यह होरमुज जलमरुमध्य से गुजरने वाले ब्रिटेन और अंतरराष्ट्रीय जहाजों की सुरक्षा पर बहुत गंभीर सवाल उठाता है। हालांकि, तेहरान का दावा है कि जहाज अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग नियमों का उल्लंघन कर रहा था।
ब्रिटेन के विदेश सचिव ने की ईरानी समकक्ष से बातचीत
जानकारी के मुताबिक, हंट ने इस संबंध में अपने ईरानी समकक्ष से फोन पर बात की है। बातचीच के बाद हंट ने बताया कि जिब्राल्टर में ईरानी टैंकर को जब्त करने के बाद ईरान ने इसे 'जैसे को तैसा' की नीति के तहत देखा। लेकिन उन्होंने कहा कि सच्चाई से बढ़कर कुछ नहीं हो सकता।
18 भारतीय भी तेल टैंकर पर मौजूद
वहीं, जहाज स्टेना इंपेरो के मालिकों ने कहा कि वे बंदर अब्बास बंदरगाह पर अपने जहाज के 23 क्रू सदस्यों से संपर्क करना चाहते हैं। मालिकों के मुताबिक उनका स्वास्थ्य अच्छा है। बता दें कि स्टेनी इंपेरो को ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने शुक्रवार को खाड़ी में प्रमुख मार्ग से हिरासत में ले लिया था। जहाज के सदस्यों में 18 भारतीय समेत रूसी, लतावियाई, फिलीपीनी सदस्य मौजूद हैं।
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