
लंदन। ब्रिटेन के सांसदों ने प्रधानमंत्री थेरेसा मे की उस मांग का समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने यूरोपीय संघ से अगल होने के लिए 30 जून का तक का समय मांगा है। इस तरह से विपक्षी दल लेबर पार्टी के नेता से मिलकर ब्रेक्सिट ( Brexit ) सौदे को संसद में पास कराने के लिए समझौता कर सकें। सरकार के प्रस्ताव के पक्ष में सांसदों ने 420 से 110 तक मतदान किया। सोमवार को संसद द्वारा एक कानून पारित करने के बाद सरकार को वोट देने के लिए मजबूर होना पड़ा और अनुच्छेद 50 की वार्ता की अवधि को दूसरी बार बढ़ाने के लिए अनुरोध में बदलाव करने के लिए खुद को शक्ति प्रदान की। गौरतलब है कि यूरोपीय यूनियन के चुनाव मई में होने वाले हैं। ऐसे में पीएम थेरेसा मे चाहती है कि इसमें ब्रिटेन भी हिस्सा ले। बीते शनिवार को ब्रिटिश सरकार के एक प्रवक्ता ने अपने बयान में कहा कि हम एक जिम्मेदार सरकार हैं और हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हमें चुनाव में भाग लेना चाहिए और उसके लिए कुछ आवश्यक कानूनी कदम लेने चाहिए।
मौजूदा रुख सकारात्मक
पिछले सप्ताह थेरेसा मे ने कहा था कि इस मुद्दे पर सभी पार्टियों के समझौते से ही सांसदों का बहुमत हासिल किया जा सकता है, क्योंकि उत्तरी आयरलैंड की डेमोक्रेटिक यूनियनिस्ट पार्टी (डीयूपी) और कुछ कंजरवेटिव्स सांसदो ने यूरोपीय संघ के साथ समझौते को खारिज कर दिया है। लेबर पार्टी की वार्ताकार टीम की सदस्य सांसद रेबेका लांग बेली ने रविवार को मौजूदा रुख को सकारात्मक और आशावादी बताते हुए इस सप्ताह के आरंभ में आगे बातचीत की उम्मीद जाहिर की। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रस्ताव में कस्टम यूनियन (एक ही प्रकार के आयात शुल्क) को परिभाषित नहीं किया गया है जोकि लेबर पार्टी की मुख्य मांग है। इससे यूरोपीय संघ के साथ वस्तुओं का शुल्क मुक्त व्यापार हो पाएगा, लेकिन ब्रिटेन अपनी तरफ से कोई व्यापारिक समझौता नहीं कर सकेगा।
विश्व से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Follow करें Twitter पर ..