
Road Accident news : बालोद जिले की सड़कों पर रफ्तार और लापरवाही लगातार जानलेवा साबित हो रही है। इस साल 21 सितम्बर तक 363 सड़क हादसों में 156 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 355 लोग घायल हुए हैं। यातायात विभाग के आंकड़े बताते हैं कि औसतन हर दूसरे दिन एक व्यक्ति सड़क हादसे में जान गंवा रहा है।
रविवार रात देवरीबंगला के परसुली मार्ग पर हुए हादसे ने इस भयावह तस्वीर को और दर्दनाक बना दिया। तेज रफ्तार कार ने बाइक को सामने से टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार पवन सोनकर के तीन साल के बेटे हिमांशु और 12 साल के भतीजे नमन की मौके पर ही मौत हो गई। पवन गंभीर रूप से घायल हैं और राजनांदगांव में उनका इलाज चल रहा है।
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पुलिस के अनुसार परसुली निवासी पवन सोनकर रविवार रात अपने बेटे हिमांशु और भतीजे नमन के साथ बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान डौंडीलोहारा की ओर से आ रही कार क्रमांक सीजी 08 एटी 360 रॉन्ग साइड से आकर बाइक से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि तीनों दूर जा गिरे। हिमांशु और नमन ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि पवन को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया।
जनवरी से 21 सितम्बर तक हुए हादसों में मौतों का आंकड़ा लगातार चिंता बढ़ा रहा है। फरवरी में 27 और जून में 19 लोगों की जान गई। अगस्त में भी 17 मौतें दर्ज हुईं।
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यातायात प्रभारी नवीन बोरकर के अनुसार ज्यादातर हादसों के पीछे तेज रफ्तार, लापरवाही और शराब पीकर वाहन चलाना प्रमुख कारण हैं। मोबाइल पर बात करते हुए ड्राइविंग, रॉन्ग साइड चलना, ओवरलोडिंग और रात में नींद की झपकी भी हादसों का कारण बन रही है। भानुप्रतापपुर रूट पर आयरन ओर से लदे ट्रकों की आवाजाही, सड़क किनारे बिना रिफ्लेक्टर खड़े वाहन और रात में शराब के नशे में ड्राइविंग भी जोखिम बढ़ा रहे हैं। कई मौतें सिर में गंभीर चोट लगने से हुई हैं।
पुलिस के मुताबिक बिना लाइसेंस वाहन चलाने, तीन सवारी और तेज रफ्तार के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। यातायात विभाग ने लोगों से हेलमेट लगाने, गति नियंत्रित रखने, मोबाइल का इस्तेमाल न करने और शराब पीकर वाहन नहीं चलाने की अपील की है। सड़क पर एक छोटी लापरवाही सिर्फ नियम नहीं तोड़ती, किसी परिवार की जिंदगी बदल सकती है।