
बालोद जिला मुख्यालय से गुजरने वाले नेशनल हाइवे पर लोकार्पण के 21 दिन बाद आखिरकार अंधेरा छंट गया है। आधी-अधूरी तैयारी के बीच जिन स्ट्रीट लाइटों का उद्घाटन किया गया था, वे अब नियमित रूप से जलने लगी हैं। नेशनल हाइवे ने बिजली विभाग की पूरी प्रक्रिया पूर्ण कर दी, जिसके बाद लाइटें चालू की गईं। विभाग का कहना है कि अब हाइवे पर रातभर उजाला रहेगा।
लोकार्पण के दिन ही कुछ विद्युत पोलों में करंट आने की शिकायत सामने आई थी। सुरक्षा के लिहाज से विद्युत सप्लाई तुरंत बंद कर दी गई थी। इसके बाद से ये लाइटें लगभग एक महीने तक शो-पीस बनी रहीं। कारण था बिजली विभाग को कनेक्शन और ट्रांसफॉर्मर के लिए भुगतान न होना। भुगतान अटकने के कारण लाइटें शुरू नहीं हो पा रही थीं।
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नेशनल हाइवे के एसडीओ ने बताया कि विद्युत विभाग की सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। नेशनल हाइवे की स्ट्रीट लाइटों को हमने नगर पालिका को हैंडओवर कर दिया है। अब इनके संचालन और रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी नगर पालिका की होगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अब लाइटें नियमित रूप से जलेंगी और तकनीकी खराबी आने पर तुरंत सुधार किया जाएगा।
दल्ली चौक से मधु चौक तक डिवाइडर पर लगी स्ट्रीट लाइटें लोकार्पण के बाद से ही नियमित जल रही थीं। अब एनएच वाली लाइटें शुरू होने से पूरा शहर दूधिया रोशनी से नहा गया है। रात में शहर की सूरत ही बदल गई है।
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पिछले 21 दिनों से एनएच पर अंधेरा होने के कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा था। रात में हाइवे पर गौवंश का झुंड बैठा रहता था, जो अंधेरे में दिखाई नहीं देता था। इससे कई बार वाहन टकरा चुके थे। अब लाइटें शुरू होने से यात्रियों, वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिली है। उजाले के कारण अब हादसों पर अंकुश लगने की उम्मीद है। 21 दिन की मशक्कत के बाद ही सही, लेकिन नेशनल हाइवे के उजाले से अब बालोद वासियों को सुरक्षित सफर की गारंटी मिली है।
लोगों कगा कहना है कि सड़कें चौड़ी होने व पूरे शहर के मुख्य मार्ग में स्ट्रीट लाइट डिवाइडर निर्माण से अब बालोद भी शहर जैसा लग रहा है। दूधिया रौशनी से जगमग सड़क और आकर्षक लग रहा है। वहीं अब पूरे शहर की स्ट्रीट लाइट जलने से लोगों ने राहत की सांस ली है।