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बालोद की सड़कों पर दौड़ रही मौत

परसुली में तेज रफ्तार कार ने बाइक को टक्कर मार दी जिससे दो मासूम भाइयों की मौत हो गई। बालोद जिले में 8 माह में 156 की जान सड़क दुर्घटना में चली गई है। विभाग के अनुसार जिले में हर दूसरे दिन सड़क हादसे में एक व्यक्ति की जान जा रही है।
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परसुली में तेज रफ्तार कार ने बाइक को टक्कर मार दी जिससे दो मासूम भाइयों की मौत हो गई। बालोद जिले में 8 माह में 156 की जान सड़क दुर्घटना में चली गई है। विभाग के अनुसार जिले में हर दूसरे दिन सड़क हादसे में एक व्यक्ति की जान जा रही है।

Road Accident news : बालोद जिले की सड़कों पर रफ्तार और लापरवाही लगातार जानलेवा साबित हो रही है। इस साल 21 सितम्बर तक 363 सड़क हादसों में 156 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 355 लोग घायल हुए हैं। यातायात विभाग के आंकड़े बताते हैं कि औसतन हर दूसरे दिन एक व्यक्ति सड़क हादसे में जान गंवा रहा है।

तेज रफ्तार कार ने बाइक को सामने से टक्कर मार दी

रविवार रात देवरीबंगला के परसुली मार्ग पर हुए हादसे ने इस भयावह तस्वीर को और दर्दनाक बना दिया। तेज रफ्तार कार ने बाइक को सामने से टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार पवन सोनकर के तीन साल के बेटे हिमांशु और 12 साल के भतीजे नमन की मौके पर ही मौत हो गई। पवन गंभीर रूप से घायल हैं और राजनांदगांव में उनका इलाज चल रहा है।

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रॉन्ग साइड आई कार, बाइक को मारी टक्कर

पुलिस के अनुसार परसुली निवासी पवन सोनकर रविवार रात अपने बेटे हिमांशु और भतीजे नमन के साथ बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान डौंडीलोहारा की ओर से आ रही कार क्रमांक सीजी 08 एटी 360 रॉन्ग साइड से आकर बाइक से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि तीनों दूर जा गिरे। हिमांशु और नमन ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि पवन को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया।

हर महीने मौत का आंकड़ा

जनवरी से 21 सितम्बर तक हुए हादसों में मौतों का आंकड़ा लगातार चिंता बढ़ा रहा है। फरवरी में 27 और जून में 19 लोगों की जान गई। अगस्त में भी 17 मौतें दर्ज हुईं।

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आंकड़ों में सड़क हादसे

  • अवधि - हादसे - मौत - घायल
  • जनवरी - 53 - 18 - 54
  • फरवरी - 50 - 27 - 50
  • मार्च - 31 - 16 - 49
  • अप्रैल - 61 - 14 - 51
  • मई - 35 - 13 - 28
  • जून - 44 - 19 - 35
  • जुलाई - 32 - 11 - 29
  • अगस्त - 36 - 17 - 24
  • 21 सितंबर तक - 22 - 11 - 35
  • कुल - 363 - 156 - 355

पांच हादसे, जिन्होंने झकझोर दिया

  • केस वन - 19 सितंबर: करहीभदर नाले के पास मोबाइल पर बात करते समय बस पलटी। कंडक्टर की मौत, 25 घायल।
  • केस टू - 20 सितंबर: परसुली में कार-बाइक की भिड़ंत में दो बच्चों की मौत।
  • केस थ्री - 2 अगस्त: दल्लीराजहरा मार्ग पर ट्रक ने बाइक को घसीटा, दो दोस्तों की मौत।
  • केस फोर - 25 फरवरी: स्कूल वैन पुल से नीचे गिरी, सात वर्षीय बच्ची की मौत, 12 घायल।
  • केस फाइव - 15 मार्च: एनएच-30 पर तेज रफ्तार बस खड़े वाहन से टकराई, कई लोग घायल।

रफ्तार के साथ कई और खतरे

यातायात प्रभारी नवीन बोरकर के अनुसार ज्यादातर हादसों के पीछे तेज रफ्तार, लापरवाही और शराब पीकर वाहन चलाना प्रमुख कारण हैं। मोबाइल पर बात करते हुए ड्राइविंग, रॉन्ग साइड चलना, ओवरलोडिंग और रात में नींद की झपकी भी हादसों का कारण बन रही है। भानुप्रतापपुर रूट पर आयरन ओर से लदे ट्रकों की आवाजाही, सड़क किनारे बिना रिफ्लेक्टर खड़े वाहन और रात में शराब के नशे में ड्राइविंग भी जोखिम बढ़ा रहे हैं। कई मौतें सिर में गंभीर चोट लगने से हुई हैं।

चालान से आगे, सड़क पर अनुशासन जरूरी

पुलिस के मुताबिक बिना लाइसेंस वाहन चलाने, तीन सवारी और तेज रफ्तार के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। यातायात विभाग ने लोगों से हेलमेट लगाने, गति नियंत्रित रखने, मोबाइल का इस्तेमाल न करने और शराब पीकर वाहन नहीं चलाने की अपील की है। सड़क पर एक छोटी लापरवाही सिर्फ नियम नहीं तोड़ती, किसी परिवार की जिंदगी बदल सकती है।