
गुंडरदेही ब्लॉक का अर्जुनी-देवरी अंडरब्रिज इन दिनों लोगों के लिए परेशानी का सबसे बड़ा कारण बन गया है। सात दिनों से अंडरब्रिज 4 से 5 फीट पानी में भरा हुआ है। आज भी रास्ता पूरी तरह से बंद है, जिससे जिला और ब्लॉक मुख्यालय को जोडऩे वाली इस मुख्य सड़क पर आवागमन ठप हो गया है। इससे 20 से 25 गांवों का आवागमन प्रभावित हो गया है।
यह मामला सिर्फ जलभराव का नहीं, बल्कि विभागीय लापरवाही का भी बड़ा उदाहरण बन गया है। पानी निकासी के लिए लगाया गया मोटरपंप खुद ही पानी में डूब गया और जिम्मेदार विभाग 7 दिन तक कुंभकर्णी नींद में सोता रहा। मामला मीडिया और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचा, तब रेलवे विभाग ने डीजल पंप लगाकर पानी निकालने की कवायद शुरू की है।
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अंडरब्रिज में तालाब जैसा नजारा है। दोपहिया वाहन चालक घुटनेभर पानी में अपनी गाड़ियों को धक्का देते नजर आ रहे हैं। पैदल चलने वाले लोगों को जान जोखिम में डालकर इस गंदे पानी से गुजरना पड़ रहा है। पानी के अंदर गड्ढे कहां हैं, इसका पता नहीं चल रहा है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि अंडरब्रिज बनाते समय जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई थी। दोनों तरफ बनी नालियां मिट्टी और कचरे से चोक हैं। थोड़ी सी बारिश में ही सारा पानी आकर अंडरब्रिज में जमा हो जाता है।
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यह अंडरब्रिज अर्जुनी, देवरी, परसोदा, भाठागांव, खोरदो सहित 20 से 25 गांवों के लोगों के लिए गुंडरदेही और बालोद जाने का सबसे प्रमुख और छोटा रास्ता है। सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों, मजदूरों और मरीजों पर पड़ रहा है। अब ग्राम परसोदा होकर 10 किलोमीटर घूमकर ब्लॉक मुख्यालय जाना पड़ रहा है।
जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता मोंटू चंद्राकर ने प्रेस विज्ञप्ति में प्रशासन और रेलवे विभाग को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि अर्जुनी-देवरी अंडरब्रिज में सात दिन से पानी भरा है। इसी सड़क से बच्चे स्कूल जाते हैं, लोग रोजी-मजदूरी और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए जाते हैं। प्रशासन को तत्काल जल निकासी की व्यवस्था करनी चाहिए।
गुंडरदेही विधायक कुंवर सिंह निषाद ने भी नाराजगी जताई है। उन्होंने तत्काल रेलवे के अधिकारियों से संपर्क किया। रेलवे अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि अंडरब्रिज से पानी की निकासी करा दी जाएगी। एक सप्ताह बाद भी पानी की निकासी नहीं होना रेलवे की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।
रायपुर रेल मंडल के सीनियर पीआरआई शिवप्रसाद ने अपना पक्ष रखा है। इलेक्ट्रिक मोटरपंप अत्यधिक पानी आने के कारण डूब गया था, इसलिए पानी की निकासी में परेशानी हुई। अब विभाग ने डीजल मोटरपंप डालकर पानी खाली कराने का काम शुरू कर दिया है। जल्द ही पानी खाली करा दिया जाएगा।