फर्रुखाबाद

UP Election: 2012 का वो किस्सा जब भावुक हुए मनमोहन सिंह, पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने सुनाई पूरी कहानी

Chief Election Commissioner SY-Quraishi: उत्तर प्रदेश की सियासत कब देश की राजधानी दिल्ली में बैठे हुक्मरानों की धड़कनें बढ़ा दे, कुछ कहा नहीं जा सकता। पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) एस.वाई. कुरैशी ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह से जुड़ा जिस इमोशनल मोमेंट शेयर किया है, उसका सीधा कनेक्शन यूपी के फर्रुखाबाद जिले की जमीनी राजनीति से है।
2 min read
manmohan Singh

 SY Quraishi On Manmohan Singh: साल 2012, यूपी विधानसभा चुनाव में फर्रुखाबाद सदर सीट से कांग्रेस के टिकट पर तत्कालीन केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद की पत्नीलुईस खुर्शीद मैदान में थीं। अपनी पत्नी को जिताने के लिए सलमान खुर्शीद ने पूरी ताकत झोंक दी थी।

पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी के मुताबिक, फर्रुखाबाद की एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए सलमान खुर्शीद ने अल्पसंख्यक वोट बैंक को साधने के लिए एक बड़ा दांव खेला। उन्होंने मंच से ऐलान कर दिया कि अगर यूपी में कांग्रेस की सरकार बनती है, तो अल्पसंख्यकों (मुसलमानों) का आरक्षण कोटा 4.5% से बढ़ाकर 9% (यानी सीधे दोगुना) कर दिया जाएगा। इस पर भाजपा ने तुरंत चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई।

कुरैशी ने बताया कि चुनाव आयोग ने दोनों पक्षों के वकीलों को सुनने और चार दिनों की लंबी सुनवाई के बाद खुर्शीद को आचार संहिता के उल्लंघन का दोषी पाया। आयोग ने उन्हें सेंसर करने का निर्णय लिया। कुरैशी ने बताया कि मॉडल कोड के तहत आयोग के पास जुर्माना या दंड देने की शक्ति नहीं है, केवल सलाह, फटकार या सेंसर तक सीमित है। सेंसर को आयोग की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जाता है।

कांग्रेस नेताओं की नाराज़गी और पीएम तक पहुंची बात

इस कार्रवाई से खुर्शीद खासे नाराज हुए। कांग्रेस के कुछ नेताओं ने आयोग पर अहंकारी या मनमाना रवैया अपनाने के आरोप लगाने शुरू कर दिए। इस पर मैंने अपनी नाराजगी तत्कालीन प्रधानमंत्री के मीडिया सलाहकार हरीश खरे के सामने जाहिर की। अगले ही दिन मुझे प्रधानमंत्री कार्यालय से तुरंत मिलने का संदेश मिला।

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात के बारे में बताते हुए कुरैशी ने कहा कि जब मैं वहां पहुंचा तो वे दरवाजे पर ही मेरा इंतजार कर रहे थे। उन्होंने मुझे अंदर ले जाकर बिठाया। बैठते ही उन्होंने कहा कि मिस्टर कुरैशी, हरिश ने मुझे कल आपके बीच जो बात हुई थी, उसके बारे में बताया। अगर यही आपकी मेरे बारे में सोच है तो मैं आत्महत्या कर लूंगा।

कुरैशी बोले- मैं इसके लिए तैयार नहीं था

कुरैशी ने बताया कि यह सुनकर वे स्तब्ध रह गए, क्योंकि उनकी शिकायत प्रधानमंत्री को लेकर नहीं बल्कि कुछ मंत्रियों की टिप्पणियों को लेकर थी। उन्हें प्रधानमंत्री को शांत करने में करीब 15-20 मिनट लगे। कुरैशी के अनुसार, मनमोहन सिंह ने बाद में चुनाव आयोग को भारत का गौरव और लोकतंत्र की आत्मा बताते हुए कहा कि अगर यह खो गई तो सब कुछ खो जाएगा।

कुरैशी ने इस घटना को मनमोहन सिंह की चुनाव आयोग के प्रति गहरी संवेदनशीलता और सम्मान का प्रमाण बताया। यह प्रसंग कुरैशी की किताब "India and I: A Hundred Memories, Not a Memoir" में भी शामिल है।

Updated on:
14 Jul 2026 01:37 pm
Published on:
14 Jul 2026 12:09 pm
Also Read
View All
पुलिस के एनकाउंटर का खौफ! फर्रुखाबाद में परिवार समेत SP ऑफिस पहुंचा हिस्ट्रीशीटर, बोला- अब जेल भेज दो

Farrukhabad: दावा- झोलाछाप 80 फीसदी मरीजों को दे रहे एनेस्थीसिया! 2 महीने के अंदर 4 प्रसूताओं की ऑपरेशन के बाद मौत

‘राम मंदिर में चोरी जैसे मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए बेटी को बना रहे निशाना’, भाजपा पर भड़कीं डिंपल यादव

टूटा कूल्हा, भरी दोपहर और हाथ में छाता, फर्रुखाबाद में पेंशन के लिए 73 साल की बुजुर्ग दादी को ठेले पर लिटाकर बैंक पहुंचा पोता

फर्रुखाबाद में रेलवे लाइन के नीचे विद्युत केबल डालने का मामला: विभागीय अधिकारियों को नोटिस से मचा हड़कंप