फर्रुखाबाद

UP News: फर्रुखाबाद की 2 दशक पुरानी हत्या के मुकदमे में बड़ा अपडेट! 3 तीन दोषियों को भेजा गया जेल

UP News: फर्रुखाबाद के 20 साल पुराने गैर-इरादतन हत्या मामले में अदालत ने दो सगे भाइयों समेत तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है। दोष सिद्ध होने के बाद सभी को न्यायिक हिरासत में जिला जेल भेज दिया गया है। अब अदालत 5 अगस्त को सजा की अवधि पर अंतिम फैसला सुनाएगी।
2 min read
major update in the two decade old Farrukhabad murder case Three convicts sent to jail
फर्रुखाबाद की 2 दशक पुरानी हत्या के मुकदमे में बड़ा अपडेट। फोटो-Ai

UP News: फर्रुखाबाद के चर्चित 20 साल पुराने मारपीट और गैर-इरादतन हत्या के मामले में अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अपर एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम अभिनीतम उपाध्याय की अदालत ने मामले में 2 सगे भाइयों समेत 3 आरोपियों को दोषी करार दिया है। दोष सिद्ध होने के बाद अदालत ने 3 आरोपियों को तत्काल न्यायिक हिरासत में लेकर जिला जेल भेजने का आदेश दिया। अब इस मामले में दोषियों को कितनी सजा दी जाएगी, इसका फैसला 5 अगस्त को सुनाया जाएगा।

अलावलपुर गांव की घटना से जुड़ा है मामला

यह मामला मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के अलावलपुर गांव का है। घटना 5 जनवरी की सुबह की है, जब भूपेंद्र सिंह शौच से लौटकर अपने घर जा रहे थे। इसी दौरान गांव के रहने वाले शिवमंगल और देवीदयाल के दो बेटे अमर पाल तथा वीरेश्वर ने उन्हें रोक लिया। शिकायत के अनुसार, तीनों आरोपियों ने पहले भूपेंद्र सिंह के साथ गाली-गलौज की और फिर लाठी-डंडों से उन पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले में भूपेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्होंने शोर मचाकर मदद की गुहार लगाई।

बचाने पहुंचे बुजुर्ग पर भी किया गया हमला

भूपेंद्र सिंह की आवाज सुनकर उनके नाना बाबूराम और नानी चंद्रावती मौके पर पहुंच गए। दोनों ने बीच-बचाव कर विवाद शांत कराने की कोशिश की, लेकिन आरोप है कि हमलावरों ने उनके साथ भी मारपीट शुरू कर दी। इस हमले में बाबूराम को गंभीर चोटें आईं, जबकि चंद्रावती भी घायल हुईं। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां बाबूराम का इलाज शुरू हुआ।

इलाज के दौरान हुई बाबूराम की मौत

घटना के बाद पुलिस ने पीड़ित की तहरीर के आधार पर मारपीट, गाली-गलौज और धमकी से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। हालांकि, बाबूराम की हालत लगातार गंभीर बनी रही। घटना के लगभग सात दिन बाद इलाज के दौरान बाबूराम की मौत हो गई। उनकी मृत्यु के बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया और पुलिस ने जांच के दौरान मुकदमे में गैर-इरादतन हत्या की धारा भी जोड़ दी।

जांच पूरी होने के बाद दाखिल हुआ आरोप पत्र

पुलिस ने पूरे मामले की विवेचना की और साक्ष्य जुटाने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अदालत के सामने अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य पेश किए। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों की गवाही का परीक्षण किया। अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोप सिद्ध करने में सफल रहा।

तीनों आरोपी दोषी करार, भेजे गए जिला जेल

सभी पक्षों की दलीलें सुनने और रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अपर एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम अभिनीतम उपाध्याय ने शिवमंगल, अमर पाल और वीरेश्वर को दोषी करार दिया। दोष सिद्ध होने के बाद अदालत ने तीनों आरोपियों को तत्काल न्यायिक हिरासत में लेकर जिला जेल भेजने का आदेश जारी किया।

5 अगस्त को तय होगी सजा

फिलहाल अदालत ने केवल दोष सिद्ध होने का फैसला सुनाया है। दोषियों को कितनी अवधि की सजा दी जाएगी, इस पर अंतिम सुनवाई 5 अगस्त को होगी। उसी दिन अदालत सजा की अवधि और अन्य कानूनी पहलुओं पर अपना अंतिम आदेश सुनाएगी।