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जानें 13 चमत्कारी रहस्य : 4 जुलाई 2019 से शुरू हो रही भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा

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Jul 03, 2019
जानें 13 चमत्कारी रहस्य : 4 जुलाई 2019 से शुरू हो रही भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा

भगवान श्री जगन्नाथ ( Jagannath Rath yatra ) की हर साल निकलने वाली दुनिया की सबसे बड़ी रथयात्रा 4 जुलाई दिन गुरुवार से शुरू हो रही है। उड़िसा राज्य के पुरी का श्री जगन्नाथ मंदिर देश ही नहीं पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। 10 दिन तक चलने वाली इस रथयात्रा में शामिल होने के लिए दुनियां भर से लाखों श्रद्धालु आते हैं। जानिए विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा को भव्य बनाने वाले 13 आश्चर्यजनक रहस्य।

भगवान श्री जगन्नाथ 13 आश्चर्यजनक रहस्य।

1- भगवान श्री जगन्नाथ मंदिर के ऊपर स्थापित ध्वज (झडा) सदैव हवा के विपरीत दिशा में लहराता है।

2- जगन्नाथ पुरी में किसी भी स्थान से आप मंदिर के शीर्ष पर लगे सुदर्शन चक्र को देखेंगे तो वह आपको सदैव अपने सामने ही लगा दिखेगा।

3- यहां सामान्य दिनों के समय हवा समुद्र से जमीन की तरफ आती है और शाम के दौरान इसके विपरीत, लेकिन पुरी में इसका उल्टा होता है।

4- आज तक इस मंदिर के ऊपर से कोई भी पक्षी या विमानों को उड़ते हुए नहीं देखा गया।

5- इस मंदिर के मुख्य गुंबद की छाया दिन में किसी भी समय दिखाई ही नहीं देती।

6- सबसे बड़ा चमत्कार इस मंदिर का यह है कि मंदिर के अंदर पकाने के लिए भोजन पदार्थ की मात्रा पूरे साल भर के लिए रहती है। प्रसाद की एक बूंद भी कभी भी व्यर्थ नहीं जाती, जितना प्रसाद बनता है उसे लाखों श्रद्धालुओं के खाने के बाद भी मंदिर बंद होने के समय तक सबको मिल भी जाता है और बचता भी नहीं।

7- मंदिर की रसोई में बनने वाले प्रसाद को पकाने के लिए 7 बर्तनों को एक दूसरे के ऊपर रखे जाते हैं और इन्हें कुछ लकड़ियों पर ही पकाया जाता है। यहां भी चमत्कार दिखने को मिलता क्योंकि जिस बर्तन को सबसे ऊपर रखा जाता है उसका प्रसाद सबसे पहले पक जाता है। फिर क्रमश: नीचे की तरफ एक के बाद एक बर्तन का प्रसाद पकता है।

8- मंदिर के सिंहद्वार में पहला कदम रखते ही (मंदिर के अंदर से) समुद्र की किसी भी ध्वनि को नहीं सुना जा सकता।

9- इस मंदिर का रसोईघर दुनिया का सबसे बड़ा रसोईघर है बताया गया है।

10- प्रतिदिन शाम के समय मंदिर के ऊपर लगे ध्वज को व्यक्ति के द्वारा उल्टा चढ़कर ही बदला जाता है।

11-भगवान जगन्नाथ मंदिर का कुल क्षेत्रफल 4 लाख वर्गफुट में है।

12- इस मंदिर की ऊंचाई कुल 214 फुट है।

13- दुनिया की सबसे बड़े रसोईघर में भगवान जगन्नाथ ? के भोग के लिए बनने वाले महाप्रसाद को बनाने के लिए कुल 500 रसोइयां एवं उनके 300 सहायक सहयोगी एक साथ काम करते हैं। सबसे बड़ी बात यह हैं कि ये सारा महाप्रसाद सदियों से लेकर आज भी मिट्टी के बर्तनों में ही पकाया जाता है।

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Published on:
03 Jul 2019 11:40 am
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