त्योहार

29 जून है बहुत खास दिन : जप लें इन में से कोई भी एक नारायण बीज मंत्र. और कर लें ये काम, हो जायेगी हर इच्छा पूरी

Yogini Ekadashi ke din इस विष्णु मंत्र का जप करने से एक साथ सैकड़ों मनोकामना हो जाती है पूरी
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Jun 28, 2019
Yogini Ekadashi
29 जून है बहुत खास दिन : जप लें इन में से कोई भी एक नारायण बीज मंत्र. और लें ये काम, हो जायेगी हर इच्छा पूरी

29 जून 2019 शनिवार के दिन योगिनी एकादशी तिथि का व्रत रखा जायेगा। इस दिन भगवान नारायण का विधि विधान से पूजन करने के बाद इनमें से किसी भी एक विष्णु मंत्र ( vishnu mantra ) का 251 बार जप तुलसी की माला से करने के बाद, श्रद्धापूर्वक भगवान विष्णु की इस आरती वंदना का पाठ करने से सभी तरह की इच्छाएं पूरी होने लगती है।

धनवान बनने- धन वैभव की प्राप्ति के लिए जपे ये मंत्र-

1- ॐ ह्रीं कार्तविर्यार्जुनो नाम राजा बाहु सहस्त्रवान, यस्य स्मरेण मात्रेण ह्रतं नष्टं च लभ्यते।।
2- ॐ ह्रीं ह्रीं श्री लक्ष्मी वासुदेवाय नम:।।
3- ॐ श्रीं, ऊं ह्रीं श्रीं, ऊं ह्रीं श्रीं क्लीं वित्तेश्वराय: नमः।।

जीवन में तरक्की के लिए जपे यह मंत्र

1- ॐ नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो विष्णु प्रचोदयात्।।

Yogini Ekadashi 29 जून 2019 : इस व्रत को रखने से भगवान नारायण सभी इच्छाएं पूरी कर देते हैं

घर परिवा में रसुख-शांति के लिए जपे यह मंत्र

1- ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।।

परेशानी और तनाव से बचने के लिए जपे यह मंत्र

1- ॐ आं संकर्षणाय नम:।।
2- ॐ अं प्रद्युम्नाय नम:।।
3- ॐ अ: अनिरुद्धाय नम:।।
4- ॐ नारायणाय नम:।।

उपरोक्त मंत्रों के जप करने के बाद भगवान विष्णु की आरती का श्रद्धापूर्वक पाठ या गायन करें।

1- ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे।
भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट, क्षण में दूर करें।
ॐ जय जगदीश हरे।।

2- जो ध्यावे फल पावे, दुःखबिन से मन का, स्वामी दुःखबिन से मन का।
सुख सम्पति घर आवे, सुख सम्पति घर आवे, कष्ट मिटे तन का।।
ॐ जय जगदीश हरे।।

3- मात पिता तुम मेरे, शरण गहूं किसकी, स्वामी शरण गहूं मैं किसकी।
तुम बिन और न दूजा, तुम बिन और न दूजा, आस करूं मैं जिसकी।।
ॐ जय जगदीश हरे।।

4- तुम पूरण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी, स्वामी तुम अन्तर्यामी।
पारब्रह्म परमेश्वर, पारब्रह्म परमेश्वर, तुम सब के स्वामी।।
ॐ जय जगदीश हरे।।

5- तुम करुणा के सागर, तुम पालनकर्ता, स्वामी तुम पालनकर्ता।
मैं मूरख फलकामी मैं सेवक तुम स्वामी, कृपा करो भर्ता।।
ॐ जय जगदीश हरे।।

6- तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति, स्वामी सबके प्राणपति।
किस विधि मिलूं दयामय, किस विधि मिलूं दयामय, तुमको मैं कुमति।।
ॐ जय जगदीश हरे।।

7- दीन–बन्धु दुःख–हर्ता, ठाकुर तुम मेरे, स्वामी रक्षक तुम मेरे।।
अपने हाथ उठाओ, अपने शरण लगाओं द्वार पड़ा तेरे।।
ॐ जय जगदीश हरे।।

8- विषय–विकार मिटाओ, पाप हरो देवा, स्वमी पाप हरो देवा।
श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ, श्रद्धा भक्ति बढ़ाओं, सन्तन की सेवा।।
ॐ जय जगदीश हरे।।

9- यह आरती, जो कोई नर गावे। स्वामी जो कोई नर गावे।
कहत शिवानन्द स्वामी, सुख संपत्ति पावे॥
ॐ जय जगदीश हरे।।

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Published on:
28 Jun 2019 03:28 pm