वर्ष 2018 में चीनी कंपनी Tencent ने किया था Dream 11 में निवेश, उसी साल से आईपीएल से जुड़ी है कंपनी देश के कई संगठनों की ओर से किया जा रहा हैं Chinese Company और निवेशकों का विरोध, दोबारा विचार करने को कहा
नई दिल्ली। देश में चीनी कंपनियों और सामानों का विरोध हो रहा है। वहीं देश की उन कंपनियों का विरोध जारी है जिनमें चीनी कंपनियों का निवेश ( Chinese Investment ) है। ऐसी ही कंपनी के पास आईपीएल 2020 की टाइटल स्पांसरशिप ( IPL 2020 Title Sponsor ) चली गई है। खास बात तो ये है इस दौड़ में देश की सबसे बड़े कारोबारी ग्रुप टाटा ( Tata Group ) भी शामिल था। यह कंपनी है ड्रीम11 ( Dream11 )। वैसे ड्रीम11 2018 से आईपीएल से जुड़ा हुआ है। ताज्जुब की बात तो ये है कि उसी साल चीनी कंपनी की ओर से उसमें निवेश किया गया। अब स्वदेशी कंपनियों और सामान समर्थन करने वालों की ओर आईपीएल और बीसीसीआई से एक बार फिर से इस पर विचार करने को कहा है। आपको बता दें कि सितंबर के आखिरी हफ्ते में आईपीएल 2020 ( IPL 2020 ) की शुरूआत यूएई में होने जा रही है।
इस चीनी कंपनी की ओर से हुआ है निवेश
भले ही ड्रीम 11 इंडियन फाउंडिड कंपनी है, लेकिन उसमें चीनी कंपनी का एक बड़ा निवेश शामिल है। www.orfonline.org की अक्टूबर 2019 की रिपोर्ट के अनुसार 6 सितंबर 2018 को चीनी कंपनी की ओर से ड्रीम 11 में 100 मिलियन डॉलर का निवेश किया था। अगर इसे भारतीय रुपए में देखें तो करीब 750 करोड़ रुपए का निवेश है। जिसे एक बड़ी रकम कहा जा सकता है। जानकारों की माने तो इसी निवेश के बाद ड्रीम 11 देश की सबसे बड़ी यूनिकॉर्न कंपनियों में से एक बनी थी। आपको बता दें कि चीनी कंपनी टेंसेंट के वीचैट मोबाइल एप को बैन कर दिया है।
टाटा ग्रुप क्यों नहीं?
वास्तव में बीसीसीआई के साथ वीवो का एग्रीमेंट खत्म नहीं हुआ है। देश के में स्वदेशी जागरण मंच और बाकी संगठनों की ओर से हुए विरोध के बाद वीवो ने इस सीजन के लिए आपको टूर्नामेंट से अलग कर लिया हैै। इसकी जगह कंपनी का एग्रीमेंट 2023 तक के लिए आगे बढ़ा दिया गया है। वहीं दूसरी कंपनी का चयन किया तो उसमें भी चीनी इंवेस्टमेंट है। सवाल ये है कि क्या बीसीसीआई और आईपीएल मैनेज्मेंट को ड्रीम 11 के बारे में जानकारी नहीं थी? अगर थी तो ड्रीम 11 की जगह टाटा ग्रुप को मौका क्यों नहीं दिया गया? जानकारों की मानें तो टाटा ग्रुप की ओर 180 करोड़ रुपए के आसपास की बिड लगाई गई थी।
स्वदेशी जागरण मंच ने क्या कहा?
जब इस बारे में स्वदेशी जागरण मंच के कंवीनर अश्विनी महाजन से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अभी वो इस खबर पर नजर बनाए हुए हैं और देख रहे हैं कि ड्रीम 11 में चीनी कंपनियों का कितना निवेश है। अगर इस कंपनी में भी चीनी निवेश है तो बीसीसीआई और आईपीएल मैनेज्मेंट को इस बारे में एक बार फिर से विचार करना चाहिए। महाजन ने कहा कि आईपीएल मैनेजमेंट के पास कई ऑप्शन हैं। टाटा ग्रुप भी इस बिड में शामिल था। वहीं पतंजलि की ओर से कहा गया है कि अगर कोई स्वदेशी कंपनी सामने नहीं आती है तो वो इसमें निवेश करेंगे।
कब हुई थी ड्रीम 11 की शुरुआत
2012 में हर्ष जैन और भावित सेठ द्वारा स्थापित ड्रीम 11 क्रिकेट, कबड्डी और फुटबॉल जैसे खेल प्रदान करता है। इसके आधिकारिक साझेदारों में आईपीएल, अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद और नेशनल बास्केटबॉल एसोसिएशन शामिल हैं। चीन की टेंसेंट, निजी इक्विटी फर्म मल्टीपल्स और वीसी फर्म कलारी कैपिटल इसके निवेशकों में से हैं।सीईओ जैन, रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष, मुकेश अंबानी के एक विश्वसनीय सहयोगी आनंद जैन के बेटे हैं।
700 करोड़ रुपए का मिला है रेवेन्यू
2019 में ड्रीम11 एक यूनिकॉर्न कंपनी बन गई, जो एक बिलियन डॉलर या उससे अधिक मूल्य का स्टार्टअप था। यह भारत के कुछ बड़े स्टार्टअप्स में से एक है, जो मुनाफे में चल रही है। वित्त वर्ष 2019-20 में कंपनी ने 700 करोड़ रुपए रेवेन्यू जेनरेट किया था। आपको बता दें कि ड्रीम 11 ने 222 करोड़ रुपए में आईपीएल 2020 के लिए टाइटल स्पांसरशिप हासिल की है। यह स्पांसरशिप इसी सीजन के लिए ही मिली है।