
नई दिल्ली।
Doorstep Banking Service: आम आदमी तक बैंकों ( Bank ) की पहुंच बनाने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ( Nirmala Sitharaman ) ने बुधवार को डोर स्टेप बैंकिंग सर्विस की शुरुआत की। डोर स्टेप बैंकिंग सेवा से लोगों को घर बैठे बैंक की सभी सुविधाएं मिल सकेगी। इसके जरिए आप घर बैठे ही पैसा जमा करना, पैसा निकालना, चैक जमा करना समेत अनेकों काम ( Banking Services ) आसानी से कर सकते हैं। हालांकि, इस सुविधा का लाभ लेने के लिए ग्राहकों को मामूली चार्ज देना होगा। फिलहाल सरकारी बैंकों की 'डोर स्टेप बैंकिंग सेवा' ( Doorstep Banking Service ) को शुरू किया गया है।
क्या है डोर स्टेप बैंकिंग ? ( What is Doorstep Banking Service )
बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक ( RBI ) ने कुछ साल पहले डोर स्टेप बैंकिंग की शुरुआत की थी। पब्लिक सेक्टर बैंकों ने एक साथ मिलकर एक कॉमन सर्विस प्रोवाइडर रखा, जो उनके ग्राहकों तक सेवाएं पहुंचा सके। इसी कड़ी में अब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमणने सरकारी बैंकों की डोरस्टेप बैंकिंग सर्विस (Doorstep Banking Service) लॉन्च की है।
शुरुआत में केवल वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों ही इस सेवा का लाभ देने की बात थी, लेकिन अब यह सेवा हर किसी के लिए उपलब्ध होगी। इनका इस्तेमाल पब्लिक बैंक के ग्राहक वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप और कॉल सेंटर के जरिए कर सकेंगे। ये सेवाएं देश भर में करीब 100 सेंटर्स से ये डोरस्टेप बैंकिंग सेवाएं एजेंट के जरिए लोगों तक पहुंचाई जाएंगी।
कब से मिलेगी ये सेवा?
रिपोर्ट के अनुसार, डोरस्टेप बैंकिंग सर्विस (Doorstep Banking Service) के ग्राहक घर बैठे चेक, डिमांड ड्राफ्ट, पे ऑर्डर पिक करने जैसी नॉन फाइनेशियल सर्विस का लाभ उठा सकेंगे। इसके अलावा पैसों के लेन-देन से जुड़ी सेवा भी मिलेगी। इस सेवा की शुरुआत अगले महीने से होगी, कोई भी बैंक ग्राहक मामूली चार्ज पर इस सुविधा का लाभ ले सकता है। यानी की आप अगले महीने से घर बैठे ही बैंक खाते से पैसा निकालने, जमा करने, एफडी के ब्याज पर लगने वाला टैक्स बचाने के लिए जमा किए जाने वाले फॉर्म-15G व 15H, इनकम टैक्स या जीएसटी चालान जमा करने जैसी सेवाएं ले सकते हैं।