
नई दिल्ली। त्योहारी सीजन में घर खरीदारों के लिए बैंक कई तरह के होम लोन के ऑफर्स पेश कर रहे हैं। लेकिन सही जानकारी के अभाव में आप तय नहीं कर पाते कि आपके लिए कौन सा लोन सही है। बैंक और फाइनेंस कंपनियों ने ग्राहकों की अलग-अलग जरूरतों और प्रोफाइलों के आधार पर तरह-तरह के लोन देती है। इसलिए, आपको भी अपनी जरूरत और आर्थिक लक्ष्य के आधार पर एक सही लोन चुनना चाहिए। आइए जानते है कि मौजूदा दौर में बाजार में किस तरह के होम लोन मौजूद है और उनमें से कौन सा लोन आपके बजट पर फिट बैठता है।
ऐसे लोन जो पहले से मंजूर हैं
खासतौर पर कई तरह के होन लोन ऐसे होते हैं जो बैंक द्वारा पहले से ही मंजूर किए होते हैं। इस तरह के लोन में आपकी आमदनी, आपका क्रेडिट स्कोर पहले से ही बैंकों द्वारा देख लिया जाता है, ताकि आपके समय की बचत हो सके। ऐसे होम लोन की खास बात यह होती है कि ये एक निर्धारित समय में ही दिया जाता है और आपको यह लोन उसी समयसीमा के अंदर उठाना पड़ता है। इस तरह के लोन की सबसे बड़ी खासियत होती है कि ये लोन बाकि लोन के मुकाबले कम ब्याज पर मिलता है।
जिनका ब्याज दर निश्चित हो
इस तरह के होम लोन में लोन की दर निश्चित होती है। इन लोन्स के ब्याज पर बाजार का उतार-चढाव हावी नहीं होता। जिससे लोन की ईएमआई चुकाने से बजट को ठीक रखने और आगे की प्लानिंग करने में काफी मदद मिलती है। इस तरह के लोन से आर्थिक सुरक्षा भी मिलती है। लेकिन इसमें एक खराबी है, निश्चित ब्याज दर पर मिलने वाले होम लोन का ब्याज दर, अनिश्चित या अस्थायी ब्याज दर वाले होम लोन की तुलना में आम तौर पर काफी अधिक होता है।
जिनकी ब्याज दर निश्चित न हो
इसके ठीक उलट बाजार में ऐसे भी होम लोन है जिनका ब्याज दर निश्चित नहीं होता है और यह बाजार के हिसाब से बदलता रहता है। अगर आप बढ़ते मुद्रास्फीति परिदृश्य में एक होम लोन लेना चाहते हैं तो अस्थायी ब्याज दर वाले होम लोन से दूर ही रहना चाहिए क्योंकि आम तौर पर मुद्रास्फीति मानदंडों के साथ ब्याज दरों का उल्टा संबंध होता है। आपकी फाइनैंशल प्लानिंग पर बदलते ब्याज दरों का बहुत भारी असर पड़ता है क्योंकि ब्याज दरों की अनिश्चितता, आपकी अन्य आर्थिक जिम्मेदारियों को पूरा करने में बाधा बन सकती है।
ज्वाइंट होम लोन
ऐसा लोन जो एक से अधिक व्यक्ति एक साथ मिलकर लेते है वो ज्वाइंट होम लोन की कैटेगरी में आता है। इसमें आपके साथ आपके परिवार का कोई भी व्यक्ति शामिल हो सकता है। इस लोन का भुगतान दोनों के अकाउंट से होता है और लोन चुकाने में देरी होने या चूक हो जाने पर इसके लिए दोनों जिम्मेदार होते हैं। संयुक्त होम लोन देते समय, बैंक दोनों सदस्यों की आमदनी पर विचार करते हैं और इसलिए, इस तरह के लोन की रकम सिर्फ एक व्यक्ति को दिए जाने वाले लोन की रकम से अक्सर काफी अधिक होती है। संयुक्त होम लोन का टैक्स लाभ, लोन लेने वाले दोनों सदस्यों को मिलता है।