
नई दिल्ली। छोटी बचत योजनाओं पर जनवरी-मार्च की तिमाही के लिए ब्याज दर की घोषणा से पहले भारतीय रिजर्व बैंक ( rbi ) ने वित्त मंत्रालय ( finance ministry ) को सुझाव दिया है। रिजर्व बैंक का कहना है कि छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें ( Interest Rates on Small Savings Schemes ) बाजार दरों के समान हों जिससे बैंकों के हस्तांतरण में सुधार हो। छोटी बचत योजनाओं पर आगामी तिमाही के लिए ब्याज दरों की घोषणा ( Declaration of Interest Rates ) वित्त मंत्रालय 31 दिसंबर तक हो सकती है।
एक समान होनी चाहिए ब्याज दरें
सूत्रों ने बताया, "आरबीआई ने मंत्रालय को छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरों को एक समान बनाने की आवश्यकता बताई है, जिससे बेहतर तरीके से हस्तांतरण हो। आरबीआई ने सरकार को इस संबंध में बैंकों की प्रतिक्रिया से अवगत कराया है।" छोटी बचत योजनाओं पर हर तिमाही के लिए ब्याज दरों में बदलाव किया जाता है। अगर, इसमें कोई बदलाव नहीं होता है तो वित्त मंत्रालय मौजूदा दरों को ही कायम रखता है।
ये लोग करते हैं निवेश
छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों पर बैंकों और उद्योगों की निगाह होगी, क्योंकि ऐसी योजनाओं को ज्यादातर सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी, सीमांत श्रेणी के लोग, किसान और महिलाएं पसंद करते हैं। इन योजनाओं में डाकघर बचत योजनाएं आती हैं, जिनमें कई उत्पादों की एक सूची होती है जो भरोसेमंद होते हैं और इसमें निवेश पर बिना किसी जोखिम के रिटर्न मिलता है।