SBI ने MCLR की दरों में 0.15 फीसदी की कटौती की कटौती के बाद MCLR दरें हुई 7.40 फीसदी से 7.25 फीसदी
नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ( State Bank of India ) ने कस्टमर को बड़ी राहत दी है। उन्होंने होम लोन की ब्याज दर ( Home Loan EMI ) में कटौती कर राहत देने का प्रयास किया है। एसबीआई ( SBI Bank ) की ओर लगातार 12 वीं इस तरह की राहत देने का प्रयास किया है। वास्तव में स्टेट बैंक ने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स-बेस्ड लेंडिंग रेट यानी एमसीएलआर ( MCLR ) की दरों में कटौती की है। यह दरें होम लोन की दरों से जुड़ी होती हैं। जबकि भी एमसीएलआर की दरों में कटौती या बढ़ोतरी होती है, तब-तब होम लोन की दरों में भी फर्क देखने को मिलता है।
एसबीआई ने की एमसीएलआर दरों में कटौती
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने एमसीएलआर की दरों में 0.15 फीसदी की गिरावट की है। बैंक इन्हीं ब्याज दरों पर पर लोन और डिपॉजिट पर ब्याज दरें तय करता है। इसका मतलब यह हुआ कि एमसीएलआर कम होगा तो आपके लोन पर ब्याज दर भी कम होगा। वहीं एमसीएलआर की दरों में बढ़ोतरी होगी तो ब्याज दरों में भी बढ़त देखने को मिलेगी। एमसीएलआर ने 0.15 फीसदी कटौती के बाद दरें कम होकर 7.25 फीसदी पर आ गई हैं। इससे पहले एमसीएलआर की दरें 7.40 फीसदी पर थी। नई दरों एमसीएलआर की दरों को 10 अप्रैल, 2020 से लागू किया गया है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की ओर से लगातार 12वीं बार रूष्टरुक्र में कटौती करने का फैसला किया है।
इतनी कम हो जाएंगी आपके घर की ईएमआई
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के अनुसार एमसीएलआर में कटौती के बाद होम लोन की ईएमआई कटौती देखने को मिलेगी। इसे एक उदाहरण से समझने की कोशिश करते हैं। अगर किसी ने 30 साल के लिए 25 लाख रुपए का होम लोन लिया हुआ है तो उसे एमसीएलआर दरों में कटौती के बाद 255 रुपए कम ईएमआई चुकानी होगी। जानकारों की मानें अगर आपका होम लोन एमसीएलआर की दरों पर बेस्ड है तो इसका फायदा तुरंत नहीं मिलोगा। एमसीएलआर आधारित लोन का फायदा साल में एक बार ही लिया जा सकता है। वहीं एसबीआई के नए ग्राहकों को इसका फायदा तुरंत मिल सकता है।
फिक्स्ड डिपोजिट की ब्याजदरों में कटौती
वहीं दूसरी ओर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की ओर से फिक्स्ड डिपोजिट की ब्याजदरों में कटौती कर झटका भी दिया है। बैंक अनुसार सिस्टम में पर्याप्त कैश है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की ओर से तीन साल के फिक्स्ड डिपोजिट पर 0.20 फीसदी ब्याज दर कम कर दिया है। नई दरों को 12 मई 2020 से लागू किया जाएगा। बैंक की ओर से दो महीने में तीसरी बार ब्याज दरों में कटौती की है।