
फिरोजाबाद। निकाय चुनाव को लेकर सपा, बसपा और कांग्रेस ने प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी है, लेकिन भाजपा अभी भी कशमकश की स्थिति में है। जिलेभर की किसी भी सीट पर भाजपा अभी तक प्रत्याशी के नाम की घोषणा नहीं कर सकी है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह टिकट की घोषणा होते ही पार्टी पदाधिकारियों का विरोध होना बताया जा रहा है। पार्टी में किसी प्रकार का विरोधाभास न हो इसलिए टिकट घोषणा करने से पहले सलाह मशविरा करने में जुटी है।
कैबिनेट मंत्री की साख लगी है दांव पर
कुछ जिलों में भाजपा ने प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी है, लेकिन फिरोजाबाद जिला रह गया है। फिरोजाबाद भाजपा के लिए काफी महत्वपूर्ण जिला है। इस जिले में हार मिलने का मतलब लोकसभा चुनाव पर असर पड़ना है। अभी तक इस जिले को सपा का गढ़ माना जाता रहा है, लेकिन विधानसभा चुनाव में भाजपा ने इस जिले में परचम लहराया था। टूंडला विधानसभा से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल को केबिनेट मंत्री बनाया गया। इसलिए जिले में जीत दर्ज करना भाजपा के लिए चुनौती बन गया है।
आज हो सकती है प्रत्याशियों के नामों की घोषणा
पार्टी पदाधिकारियों की माने तो इन निकाय चुनावों में प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कराने में कैबिनेट मंत्री की अहम भूमिका रहेगी। हालांकि विरोधाभास के चलते कैबिनेट मंत्री खुलकर किसी के नाम का समर्थन नहीं कर रहे हैं। फिर भी अंदरखाने उनके द्वारा तय किए गए नामों पर ही हाईकमान विचार विमर्श कर रहा है। माना जा रहा है कि भाजपा आज शाम तक प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर सकती है। फिलहाल पार्टी के अंदर टिकट को लेकर घमासान की स्थिति है। टूंडला नगर पालिका अध्यक्ष पद को लेकर कैबिनेट मंत्री की हां का इंतजार है।
हाईकमान से होगी टिकट फाइनल
जिलाध्यक्ष बीएल वर्मा का कहना है कि जिले स्तर से किसी की टिकट फाइनल नहीं हो रही है। हाईकमान द्वारा प्रत्याशियों की सूची मांगी गई थी। सूची हाईकमान को पहुंचा दी गई है। अब किसे टिकट मिलता है और किसे नहीं। यह हाईकमान तय करेगा। इसमें विरोधाभास करना गलत है। पार्टी के लिए सभी प्रत्याशी बराबर हैं। हाईकमान द्वारा जिताऊ प्रत्याशियों को ही टिकट दी जाएगी।