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बाबा नीब करोरी की जन्मस्थली के मकान पर किसका हक? प्रशासन ने दोनों पक्षों से मांगे दस्तावेज

Baba Neeb Karori: बाबा नीब करोरी की जन्मस्थली के पैतृक मकान के स्वामित्व विवाद में प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। दोनों पक्षों से दस्तावेज और साक्ष्य मांगे गए हैं।
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फिरोजाबाद

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Aman Pandey

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Updated: 12 Sep 2026, 8:14 AM IST

Neem Karoli Baba, Kainchi Dham

नीम करौली बाबा (PC: /shreekainchimandirtrust.org)

Baba Neeb Karori Birthplace Dispute: बाबा नीब करोरी की जन्मस्थली के पैतृक मकान पर मालिकाना हक को लेकर चल रहे विवाद में अब प्रशासन दस्तावेजों के आधार पर फैसला करेगा। डीएम के निर्देश पर बनी तीन सदस्यीय समिति ने बाबा की 6 पोतियों और श्री ठाकुर हनुमानजी ट्रस्ट के पदेन ट्रस्टी संजय गुप्ता को नोटिस भेजकर अपना पक्ष रखने को कहा है।

समिति दोनों पक्षों की ओर से पेश किए जाने वाले अभिलेखों और साक्ष्यों की जांच करेगी। इसके बाद यह तय किया जाएगा कि विवादित संपत्ति को लेकर किसका दावा कितना मजबूत है और आगे क्या वैधानिक कार्रवाई की जानी है।

जिस मकान को लेकर विवाद, उसमें बाबा का ध्यान कक्ष भी

विवाद टूंडला के अकबरपुर क्षेत्र में स्थित मकान संख्या 154-व को लेकर है। बाबा नीब करोरी यानी लक्ष्मी नारायण शर्मा के परिवार की ओर से इसे पैतृक संपत्ति बताया गया है। परिवार के मुताबिक, मकान में बाबा का ध्यान कक्ष, भोजनालय और शयन कक्ष मौजूद हैं।

बाबा के छोटे बेटे स्वर्गीय धर्म नारायण शर्मा की छह बेटियों सुनीता, अर्चना, वंदना, भावना, रितु और रिचा ने अगस्त में डीएम को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि ट्रस्ट के ट्रस्टी संजय गुप्ता ने इस मकान पर एकाधिकार कर लिया है। परिवार ने प्रशासन से संपत्ति को कब्जे से मुक्त कराने और विवाद का स्थायी समाधान कराने की मांग की थी।

परिवार ने मांगा था अलग प्रशासनिक ट्रस्ट

इस मामले में परिवार की ओर से प्रशासन के सामने एक और मांग रखी गई थी। मुंबई से आए भावना रावत के पति मनोज रावत ने डीएम से मुलाकात कर विवादित पैतृक संपत्ति के प्रबंधन के लिए डीएम की अध्यक्षता में शासकीय प्रशासनिक ट्रस्ट गठित करने का सुझाव दिया था।अब जांच समिति ने दोनों पक्षों को नोटिस देकर मामले को अगले चरण में पहुंचा दिया है।

जन्मस्थली पर कॉरिडोर, इसी बीच सामने आया संपत्ति विवाद

अकबरपुर में बाबा नीब करोरी की जन्मस्थली के विकास की योजना पर भी प्रशासन काम कर रहा है। यहां बाबा नीब करोरी धाम कॉरिडोर का निर्माण कराया जा रहा है। डीएम संतोष कुमार शर्मा ने जन्मस्थली पहुंचकर विकास कार्यों और प्रस्तावित कॉरिडोर की तैयारियों का जायजा भी लिया है।

सरकार ने पर्यटन नीति-2022 में संशोधन के जरिए नीब करोरी बाबा सर्किट को भी शामिल किया है। इस सर्किट में लखनऊ, फर्रुखाबाद, फिरोजाबाद और मथुरा-वृंदावन को जोड़ा गया है।

ऐसे में जन्मस्थली के विकास के बीच पैतृक मकान के स्वामित्व का विवाद प्रशासन के लिए अहम हो गया है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि दोनों पक्षों की ओर से पेश किए जाने वाले पुराने दस्तावेजों में संपत्ति के स्वामित्व को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं।