फिरोजाबाद

संभावित प्रदर्शन को लेकर पुलिस, प्रशासन सतर्क, डीएम-एसएसपी ने दिए सख्त निर्देश

डीएम नेहा शर्मा ने कहा कि किसी भी प्रकार की हिंसा और तोड़फोड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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DM Neha Sharma

फिरोजाबाद। एससी, एसटी एक्ट के विरोध में दलित समाज द्वारा किए गए भारत बंद के बाद पुलिस और प्रशासन सतर्क है। डीएम, एसएसपी ने मंगलवार को संभावित भारत बंद को देखते हुए क्षेत्रवासियों के साथ बैठक की। डीएम और एसएसपी के नेतृत्व में पैदल मार्च निकाला गया। इस दौरान लोगों से जनहानि और हिंसा न फैलाने की अपील की गई। भारत बंद से पूर्व नगर में पुलिस प्रशासन ने अपनी ताकत का अहसास कराया।


डीएम और एसएसपी रहे मौजूद

डीएम नेहा शर्मा और एसएसपी डाॅ. मनोज कुमार के अलावा एसपी सिटी राजेश कुमार, एसपी देहात महेन्द्र सिंह ने पुलिस फोर्स के साथ नगर में पैदल मार्च निकाला। पैदल मार्च कोतवाली से प्रारंभ हुआ जो रामलीला मैदान, भारत माता चौक, सब्जी मंडी होते हुए सुभाष चैराहा पहुंचा। जहां डीएम ने कहा कि मंगलवार (आज) होने वाले भारत बंद के कार्यक्रम में लोग शांति पूर्ण तरीके से मार्च करें। किसी भी प्रकार की हिंसा और तोड़फोड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध करने का सभी को अधिकार है लेकिन आपके विरोध प्रदर्शन से किसी को परेशानी नहीं होनी चाहिए। बंदी के दौरान कोई भी जोर जबर्दस्ती नहीं करेगा।


स्वेच्छा से दुकानदार कर सकता है दुकान बंद

दुकानदार स्वेच्छा से अपनी दुकान बंद कर सकता है। दबाव बनाने वालों के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी ने कहा कि दलितों द्वारा एससी, एसटी एक्ट के विरोध के दौरान दुकानों में घुसकर लूटपाट और तोड़फोड़ की थी इसमें मुकदमे दर्ज किए गए हैं। लोग शांति पूर्वक तरीके से अपना विरोध जताएं। एसएसपी ने कहा कि हालांकि भारत बंद के दौरान निकाले जाने वाले शांति मार्च में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन तैनात रहेगा। पुलिस की निगरानी में शांति मार्च निकाला जाएगा। तोड़फोड़, हंगामा और प्रदर्शन करने वालों के विरूद्ध सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान एसडीएम डाॅ. सुरेश कुमार, सीओ संजय वर्मा, इंस्पेक्टर लोकेश भाटी समेत जिले भर के सीओ और पुलिस फोर्स मौजूद रहा।

पहले नहीं दिया था ध्यान

दलितों द्वारा किए गए भारत बंद के दौरान पुलिस ने उसे गंभीरता से नहीं लिया था। सुरक्षा के नाम पर चंद पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया गया था। जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ा था। पुलिस के सामने लोगों की दुकानों में लूट और तोड़फोड़ की गई थी। इस बार ऐसा कुछ न हो इसलिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी कोई रिस्क नहीं लेना चाहते। सुरक्षा को देखते हुए डीएम और एसएसपी ने क्षेत्रवासियों के साथ कोतवाली में बैठक की और लोगों से शांतिपूर्वक तरीके से शांति मार्च निकालने की अपील की।

Updated on:
10 Apr 2018 12:23 am
Published on:
10 Apr 2018 12:23 am