Firozabad News: फिरोजाबाद में एक सब इंस्पेक्टर के कारनामे से पूरे विभाग की किरकिरी हो रही है। कोर्ट ने एक प्रकरण में एक मुलाजिम का एनबीडब्ल्यू वारंट जारी किया था। जिसके बाद दरोगा ने मुलजिम की जगह जज का नाम लिखकर ऐसी रिपोर्ट लगा दी। जिससे विभाग में हड़कंप मच गया।
Firozabad News: उत्तर प्रदेश पुलिस का एक नया कारनामा सामने आया है। मुलजिम की जगह पर जज साहब को एक एनबीडब्ल्यू वारंट के मामले में पुलिस तलाशती रही। फिर सब इंस्पेक्टर ने ऐसी रिपोर्ट लगा दी। जिससे हड़कंप मच गया। कोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर हैरानी जताते हुए आईजी और एसपी को पत्र जारी किया था। जिसके बाद रिपोर्ट लगाने वाले दरोगा को एसपी ने लाइन हाजिर कर दिया है। इस पूरे प्रकरण में विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
Firozabad News: फिरोजाबाद में पुलिस महिला जज को ही आरोपी समझकर उन्हें खोज रही थी। अब पुलिस को ये लापरवाही काफी भारी पड़ गई है। यहां पुलिस ने अपराधी की जगह एक जज की ही तलाश शुरू कर दी। जांच अधिकारी को अपराधी की तलाश थी। मगर वह महिला जज को ही खोजने लगे। जब मामले का खुलासा हुआ तो हड़कंप मच गया। इस मामले में महिला जज नगमा खान ने पुलिस को खूब सुनाया है।
दरअसल अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की अदालत से जुड़ा हुआ है। यहां चोरी के एक मामले में गैरहाजिर चल रहे। अभियुक्त के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट के आदेश जारी हुए। मगर जांच अधिकारी ने आरोपी की जगह न्यायालय में कार्यरत न्यायिक अपर सिविल जज नगमा खान को ही तलाशना शुरू कर दिया। दरोगा ने न्यायालय में दाखिल अपनी रिपोर्ट में कहा गया कि एनबीडब्ल्यू की तामीली के दौरान नगमा खान को उनके पते पर तलाश किया गया। लेकिन वह वहां नहीं मिलीं। रिपोर्ट में आरोपी के स्थान पर जज का नाम देख जज ने सख्त नाराजगी जताई।
इस संबंध में पुलिस अधीक्षक सौरव दीक्षित ने बताया कि थाना उत्तर क्षेत्र के रहने वाले राजकुमार पुत्र गनेसी लाल का एक एनबीडब्ल्यू वारंट कोर्ट द्वारा जारी किया गया था। इसमें सब इंस्पेक्टर बनवारी लाल द्वारा आरोपी के नाम के स्थान पर सिविल जज जूनियर डिवीजन का नाम अंकित करते हुए यह रिपोर्ट लगा दी गई कि अभियुक्तता उक्त पते पर नहीं रहती है। इस मामले में सब इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया है। विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। क्षेत्राधिकारी नगर पूरे प्रकरण की जांच कर रहे हैं।