
फिरोजाबाद। बुधवार रात्रि को हुई तेज बारिश, आंधी और ओलावृष्टि के दूसरे दिन भी हालात सामान्य नहीं हो सके। ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति सुचारू नहीं हो सकी। वहीं किसान आंधी में उड़ी फसल को एकत्रित करने में जुटे रहे।
किसानों का हुआ नुकसान
तेज आंधी और बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से सैकड़ों किसानों को नुकसान हुआ है। एक किसान की मौत हो गई जबकि तमाम बकरियां काल का ग्रास बन गईं। खेत में पड़ी किसानों की गेहूं की फसल पानी भरने की वजह से बरबाद हो गई। आंधी में किसानों के गेहूं के पूरे उड़कर कई किलोमीटर दूर जा गिरे। इस भारी नुकसान के बाद किसान पूरी तरह टूट गया। इस तेज आंधी में तमाम विद्युत पोल धराशाई हो गए, जिससे क्षेत्र में विद्युत संकट खड़ा हो गया। शुक्रवार को भी हालात सामान्य नहीं हो सके। 56 घंटे बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति सुचारू नहीं हो सकी। विद्युत विभाग के कर्मचारी विद्युत पोल लगाने में व्यस्त रहे। वहीं किसान आंधी में उड़ी फसल को एकत्रित करने के कार्य में व्यस्त रहे। किसानों का कहना है कि इतनी तेज आंधी इससे पहले उन्होंने कभी नहीं देखी। ग्रामीणों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।
फसल को लेकर हुई कहासुनी
ऐसे किसान जिनका गेहूं कटा हुआ खेत पर रखा था आंधी में उनके बंधे हुए पूरे उड़कर दूसरे के खेत में पहुंच गए। इस दौरान पूरे लेने के लिए किसानों में कहासुनी तक हो गई। ऐसा ही नजारा रसूलाबाद क्षेत्र में हुआ। जहां एक किसान की कटी हुई गेहूं की फसल दूसरे किसान के खेत में जा गिरी। दोनों के बीच झगड़ा शुरू हो गया। तब अन्य ग्रामीणों ने समझा बुझाकर उन्हें शांत कराया।
पोल लगाते समय गिरा कर्मचारी, घायल
टूंडला क्षेत्र के नगला रामबक्स में आंधी के दौरान पोल टूटकर गिर गए थे। शुक्रवार को संविदा पर कार्यरत लाइनमैन मोर मुकुट पोल से गिर गया। जिससे उसके हाथ में फ्रैक्चर हो गया। विद्युत अधिकारियों ने उसे प्लास्टर चढवाया है।