घरेलू मैदान में खेल रही इंग्लैंड की टीम अपने 55 साल के सूखे को खत्म नहीं कर सकी। यह इटली की लगातार 34वीं जीत रही। इससे पहले इटली ने साल 1968 में यूरो कप जीता था।
यूरो कप 2020 के फाइनल मुकाबले में इटली ने इंग्लैंड की टीम को हराकर खिताब अपने नाम किया। यह फाइनल मुकाबला पेनल्टी शूटआउट तक चला और पेनल्टी शूटआउट में इटली ने 3—2 से इंग्लैंड की टीम को हरा दिया। घरेलू मैदान में खेल रही इंग्लैंड की टीम अपने 55 साल के सूखे को खत्म नहीं कर सकी। यह इटली की लगातार 34वीं जीत रही। इससे पहले इटली ने साल 1968 में यूरो कप जीता था।
शुरुआत में इंग्लैंड ने ली बढ़त
फाइनल मुकाबला बड़ा ही रोचक रहा। मैच की शुरुआत में इंग्लैंड ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए इटली पर बढ़त हासिल कर ली थी। इंग्लैंड के ल्यूक शॉ ने मैच के दूसरे ही मिनट में गोल दागकर टीम को 1-0 की बढत दिला दी। पहले हाफ में इंग्लिश टीम ने इटली को कोई गोल नहीं करने दिया। वहीं मैच के 67वें मिनट में लियोनार्डो बोनुची ने गोल कर इटली की मैच में वापसी कराई और स्कोर 1-1 से बराबर हो गया।
लियोनार्डो बोनुची ने बनाया रिकॉर्ड
मैच के 67वें मिनट में गोल कर बोनुची ने अपने नाम एक अनोखा रिकॉर्ड भी किया। इस गोल के साथ ही वह फाइनल मुकाबले में गोल करने वाले सबसे उम्ररदाज खिलाड़ी बन गए। इसके बाद दोनों टीमों की तरफ से कोई भी गोल नहीं हुआ। ऐसे में मैच एक्स्ट्रा टाइम में पहुंच गया लेकिन 30 मिनट के एक्स्ट्रा टाइम में भी इटली और इंग्लैंड की तरफ से कोई गोल नहीं हो सका। इसके बाद मैच का फैसला पेनल्टी शूटआउट से हुआ।
इंग्लैंड का सपना हुआ चकनाचूर
यह दूसरी बार हुआ जब यूरो कप के फाइनल मैच का फैसला पेनल्टी शूटआउट से हुआ। इस टूर्नामेंट में पेनल्टी शूटआउट के दौरान इटली की तरफ से डोमानिको बेरार्डी, फेडरिको और लियोनार्डो बोनुची ने गोल दागे। वहीं इंग्लैंड की तरफ से हैरी केन और हैरी मैगुओर ने गोल किया। मार्कस रैशफोर्ड, बुकायो साका और जेडन सांचो पेनल्टी शूटआउट में बॉल को गोल पोस्ट में पहुंचाने में नाकाम रहे। इसी के साथ यूरो कप जीतने का इंग्लैंड का सपना चकनाचूर हो गया।