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‘भारतीय फुटबॉल को बचाओ’: सुनील छेत्री समेत कई खिलाड़ियों ने वीडियो पोस्ट कर फीफा से लगाई मदद की गुहार

भारत में फुटबॉल की सबसे बड़ी लीग आईएसएल जुलाई 2025 से अनिश्चित काल के लिए टल गई है। इससे खिलाड़ियों का काफी ज्यादा नुकसान हो रहा है। इसी पर सुनील छेत्री सहित कई फुटबॉलर आगे आए हैं और फीफा से अब भारतीय फुटबॉल को बचाने की मांग की है।
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Jan 03, 2026
Sunil Chhetri
भारतीय फुटबॉलर सुनील छेत्री (फोटो- IANS)

Footballers Appeal FIFA to Save Indian Football: इंडियन सुपर लीग (ISL) भारत की सबसे बड़ी फुटबॉल लीग है। कभी इसकी तुलना आईपीएल से की जाती थी। लेकिन अब यह बंद होने की कगार पर आ गई है। आईएसएल के इस बार के सीजन के लिए लीग को कोई स्पोंसर नहीं मिला, जिसके चलते लीग के नए सीजन को अभी तक शुरू नहीं किया जा सका है। ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) ने इसके लिए टेंडर जारी किए थे, लेकिन इसे कोई बोली नहीं मिली। बिना कमर्शियल पार्टनर के लीग का आयोजन और प्रसारण संभव नहीं है, जिससे पूरा सीजन ही खतरे में पड़ गया है।

लीग के नए सीजन को शुरु करने में लगातार हो रही देरी और अनिश्चित भविष्य को लेकर अब भारतीय फुटबॉल के दिग्गज सुनील छेत्री, गोलकीपर गुरप्रीत सिंह संधू और डिफेंडर संदेश झिंगन समेत कई घरेलू और विदेशी खिलाड़ियों ने एक संयुक्त वीडियो मेसेज सोशल मीडिया पर पोस्ट कर फीफा से इसमें हस्तक्षेप की अपील की है।

खिलाड़ियों ने की भावुक अपील

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आईएसएल और भारतीय फुटबॉल के भविष्य को बचाने के लिए कई खिलाड़ियों ने मिलकर संयुक्त रूप से सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर फीफा से इसे बचाने की अपील की है। एक मिनट 27 सेकंड के वीडियो में 11 खिलाड़ियों ने भारतीय फुटबॉल की दुर्दशा के बारे में बताया है। वीडियो में गुरप्रीत संधू ने कहा, "जनवरी का महीना है और हमें इस समय आपकी टीवी स्क्रीन पर इंडियन सुपर लीग के मैच खेलते हुए दिखना चाहिए था। लेकिन इसके बजाय, हम डर और मजबूरी में वह बात कहने को मजबूर हैं जो हम सभी पहले से जानते हैं।" वीडियो में आगे अनेक खिलाड़ी सामने आए और उन्होंने कहा, "हम यहां एक अपील करने आए हैं। भारतीय फुटबॉल गवर्नेंस अब अपनी जिम्मेदारियां निभाने में असफल हो चुका है।" विदेशी खिलाड़ी ह्यूगो बुमौस ने फीफा से सीधी अपील करते हुए कहा, "हम फीफा से अपील कर रहे हैं कि वह आगे आए और भारतीय फुटबॉल को बचाने के लिए जरूरी कदम उठाए। हम उम्मीद करते हैं कि यह मेसेज फीफा मुख्यालय में बैठे ऑफिसर्स तक पहुंचे।"
खिलाड़ियों ने स्पष्ट किया कि उनका यह कदम राजनीतिक नहीं बल्कि मजबूरी से उठाया गया है। प्रीतम कोटल ने कहा, "हम ह्यूमेनिटेरियन, स्पोर्ट्स और आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। हमें जल्द से जल्द मदद की जरूरत है।"
अंत में सुनील छेत्री ने अपील की कि, "खिलाड़ियों, स्टाफ, क्लब मालिकों और फैंस सभी को स्पष्टता, सुरक्षा और इन सबसे बढ़कर एक भविष्य चाहिए। हम बस फुटबॉल खेलना चाहते हैं, इसमें हमारी मदद करें।"

भारतीय फुटबॉल और खिलाड़ियों की दुर्दशा

ISL में लगातार देरी के कारण क्लबों की आर्थिक स्थिति बहुत ही खराब हो गई है। अगस्त में बेंगलुरु एफसी ने अपने खिलाड़ियों और स्टाफ का वेतन रोक दिया था। ओडिशा एफसी ने भी खिलाड़ियों के कॉन्ट्रैक्ट रद्द कर दिए थे। कई क्लबों ने अपना संचालन बंद कर दिया है। 300 से ज्यादा खिलाड़ी और सैकड़ों सपोर्ट स्टाफ इस समय अनिश्चित भविष्य का सामना कर रहे हैं। कई खिलाड़ियों को महीनों से वेतन नहीं मिला है। ट्रेनिंग भी ठीक से नहीं हो पा रही है, जिससे खिलाड़ियों की फिटनेस और करियर दोनों पर असर हो रहा है। 14 में से 13 आईएसएल क्लबों ने एआईएफएफ को सूचित किया है कि अगर उनसे पार्टिसिपेशन फीस नहीं ली जाती है, तो वे खेलने पर विचार कर सकते हैं।

Updated on:
03 Jan 2026 04:16 pm
Published on:
03 Jan 2026 04:16 pm