पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, FIFA U17 Women World Cup का आयोजन देश के पांच शहरों में दो नवंबर से लेकर 21 नवंबर तक होना था।
नई दिल्ली : कोरोना वायरस (Coronavirus) महामारी के कारण दो नवंबर से शुरू होकर 21 नवंबर तक चलने वाला फीफा अंडर-17 महिला विश्व कप 2020 (FIFA U17 Women World Cup 2020) को स्थगित कर दिया गया था। अब विश्व फुटबाल की नियामक संस्था फीफा ने इसकी नई तारीख जारी कर दी है। अब यह टूर्नामेंट न सिर्फ नई तारीख पर, बल्कि नए नाम से होगा। अब अगले साल फरवरी-मार्च में भारत में होने जा रहा यह टूर्नामेंट 'फीफा यू-17 महिला विश्व कप 2021' (FIFA U17 Women World Cup 2021) के नाम से जाना जाएगा। फीफा ने मंगलवार को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि अब इस टूर्नामेंट का आयोजन अगले साल 17 फरवरी से सात मार्च के बीच खेला जाएगा।
पहला मैच गुवाहाटी और फाइनल नवी मुंबई में
नई तारीखों के मुताबिक, इस टूर्नामेंट का पहला मैच अब 17 फरवरी को गुवाहाटी में खेला जाएगा। वहीं फाइनल मैच सात मार्च को नवी मुंबई में होगा। इस टूर्नामेंट में 16 टीमें भाग ले रही हैं। सभी टीमें आपस में कुल 32 मैच खेंलेगी। इन मैचों का आयोजन देश के पांच शहरों, अहमदाबाद, भुवनेश्वर, गुवाहाटी, कोलकाता और नवी मुंबई में किया जाएगा।
पहले इसी साल नवंबर में होना था
कोरोना वायरस (Coronavirus) महामारी के कारण फीफा अंडर-17 महिला विश्व कप 2020 (FIFA U17 Women World Cup 2020) टलने से पहले पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, इसी महीने दो से 21 नवंबर तक होने वाला था। इसे स्थगित करने का निर्णय फीफा कंफेडरेशंस वर्किंग ग्रुप ने लिया था।
भारत में पहली बार हो रहा है आयोजित
बता दें कि भारत में पहली बार फीफा अंडर -17 महिला विश्व कप का आयोजन हो रहा है। मेजबान होने के नाते भारत की अंडर-17 महिला फुटबॉल टीम इस टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई कर चुकी है। बता दें कि न सिर्फ पहली बार इस टूर्नामेंट का आयोजन भारत में हो रहा है। भारत की अंडर-17 महिला टीम भी पहली बार विश्व कप में उतरेगी। इस कारण भारत के लिहाज से यह बहुत बड़ा मौका है।
महिला विश्व कप के मेजबान का होगा 25 जून को ऐलान
बता दें कि फीफा 25 जून को महिला विश्व कप 2023 (FIFA U17 Women World Cup 2023) के मेजबान देश के नाम का भी ऐलान करेगा। मेजबानी की दौड़ में कोलंबिया, जापान और आस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड मिलक संयुक्त रूप से दावेदारी पेश कर रहे हैं। इस दौड़ में ब्राजील भी शामिल था, लेकिन उसने अपना नाम वापस ले लिया है।