अब यह आप पर निर्भर करता है कि आप अपने आधार नंबर को कहीं शेयर करना चाहते हैं या नहीं।
नई दिल्ली: देश में नया बैंक खाता खुलवाने और सिम कार्ड लेने के लिए आधार कार्ड को आईडी प्रूफ के तौर पर स्वैच्छिक प्रयोग संबंधी अध्यादेश को मंजूरी दे दी गई है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की मंजूरी के बाद अब देश का कोई भी व्यक्ति अपनी इच्छा से बैंक खाता खुलवाने और सिम कार्ड लेने के लिए आधार कार्ड का इस्तेमाल कर सकता है। मतलब अब अगर आप चाहें को आधार कार्ड को आईडी प्रूफ के तौर पर इस्तेमाल कर भी सकते हैं और नहीं भी कर सकते हैं।
आधार कार्ड के लिए लाए गए अध्यादेश की मंजूरी के बाद कई नए नियम भी लागू कर दिए गए हैं। इन नियमों के तहत आधार कार्ड धारक अपनी सहमति से आधार नंबर को ऑफलाइन या ऑनलाइन उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा कोई भी व्यक्ति अपनी इच्छा से 18 साल की उम्र पूरी करने के बाद अपने आधार नंबर को रद्द करा सकता है। साथ ही अगर कोई किसी ओर के आधार डाटा का इस्तेमाल करता है तो तीन साल की जेल और 10 हजार रुपये का जुर्माना लगेगा। वहीं, यदि कोई कंपनी आधार डाटा का गलत इस्तेमाल करने पर दोषी पाई जाती है तो 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
सरकार की तरफ से भी आधार कार्ड के इस्तेमाल पर कई नियम निर्धारित किए गए हैं। इन नियमों का पालन नहीं करने पर किसी भी कंपनी पर 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। एक बार जुर्माना लगाए जाने पर अगर कोई कंपनी राशि नहीं देती है तो रोजाना 10 लाख रुपये का अतिरिक्त जुर्माना लगाने के भी नियम निर्धारित किए गए हैं। अब यह आप पर निर्भर करता है कि आप अपने आधार नंबर को कहीं शेयर करना चाहते हैं या नहीं।