
गरियाबंद/नवापारा(राजिम). समीपस्थ ग्राम छांटा में पंचायत द्वारा ग्रामवासियों के घर घटिया स्तर का शौचालय निर्माण किया जा रहा है। ग्राम के दाऊलाल भारती के घर निर्माणाधीन शौचालय की दिवार बनने के कुछ दिनों बाद भरभराकर गिर गई। बावजूद इसके पंचायत द्वारा कोई सुध नहीं ली गई। दो दिन पूर्व पंचायत में आयोजित ग्राम सभा में दाऊलाल ने यह मुद्दा उठाया था। इसके बाद शौचालय की मरम्मत तो करवा दी गई। लेकिन इसके फिर से गिर जाने की आशंका बनी हुई है।
शौचालय को देखने से स्पष्ट प्रतीत हो रहा है कि शौचालय व गड्ढे की दीवार के ईंटों के बीच मसाला ठीक से नहीं भरा गया है। जो मसाला लगाया गया है उसमें रेत की मात्रा काफी ज्यादा है। शौचालय की दीवार धसकने की वजह यही थी।
विचारणीय बात यह है कि शौचालय का निर्माण ग्रामवासियों को पहले स्वयं के व्यय पर खुद करना है और जब उनका निर्माण पूर्ण होगा, तो शासन उनके बैंक खातों में निर्धारित 12 हजार प्रति हितग्राही के मान से जमा करेगी। लेकिन यहां पंचायत द्वारा शौचालय निर्माण किया जा रहा है, जिसमें गुणवत्ता पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शौचालय हेतु गड्ढा भी हितग्राही से ही खुदवाया जा रहा है।
इस संबंध में जब सरपंच कमलनारायण साहू से चर्चा करने उन्हें मोबाइल लगाया गया तो उनका मोबाइल कवरेज से बाहर बताया। वहीं सीईओ जिला पंचायत नीलेश क्षीरसागर से संपर्क किया गया तो उन्होंने फोन ही नहीं उठाया और न ही भेज गए मैसेज का जवाब दिया।