Naxal surrender 2026: आत्मसमर्पित माओवादियों से मिली सूचना के आधार पर नक्सलियों द्वारा छिपाए गए हथियारों और तकनीकी उपकरणों का बड़ा डंप बरामद किया गया।
Naxal surrender 2026: मैनपुर-ओडिशा बॉर्डर इलाके में सिक्योरिटी फोर्स को एक बड़ी कामयाबी मिली है। नक्सलियों द्वारा छिपाए गए हथियारों और टेक्निकल इक्विपमेंट का एक बड़ा जखीरा बरामद किया गया है। यह कामयाबी जनवरी 2026 में गरियाबंद जिले में सरेंडर करने वाले पुराने माओवादियों से मिली ज़रूरी जानकारी के आधार पर मिली।
जनवरी 2026 में समाज की मुख्यधारा में लौटे माओवादियों से कड़ी पूछताछ में पता चला कि प्रतिबंधित संगठन CPI (माओवादी) की ओडिशा स्टेट कमेटी के टॉप लीडरशिप ने गरियाबंद से सटे ओडिशा बॉर्डर के पहाड़ी इलाकों में कई जगहों पर ऑटोमैटिक हथियार और टेक्निकल टीम के इक्विपमेंट छिपाए थे।
Naxal surrender 2026: मिली जानकारी के आधार पर, डंप साइट्स की पहचान की गई और 6 फरवरी, 2026 को जिला हेडक्वार्टर गरियाबंद से जिला पुलिस फोर्स की E-30 यूनिट को भेजा गया। लगभग 36 घंटे तक चले इंटेंसिव सर्च ऑपरेशन के बाद, टीम ने छह अलग-अलग जगहों से नक्सली हथियारों के डंप बरामद किए।